काशीपुर। द्रोण माइनर पर प्रस्तावित मिनी बाईपास के लिए सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण पर लाल निशान लगाने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम क्षेत्रवासियों के विरोध के चलते बैरंग लौट गई। आक्रोशित लोगों का कहना था कि सड़क निर्माण के लिए जो मानक अपनाए जा रहे हैं वह सही नहीं हैं।
मिनी बाईपास के लिए द्रोण माइनर पर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। लगभग 3.02 किमी लंबी सड़क चौड़ीकरण के लिए शासन से 28 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं। शनिवार को सिंचाई विभाग की टीम द्रोण माइनर के लिए कोर्ट रोड के पास अतिक्रमण पर लाल निशान लगाने पहुंची थी। टीम ने क्षेत्रवासियों को बताया कि रामनगर रोड स्थित विश्वकर्मा पेपर मिल से बाजपुर रोड सेठी पेट्रोल पंप तक की सड़क का चौड़ीकरण होना है। नक्शे में सड़क की चौड़ाई 63 मीटर है। इसके लिए एक साइड में 28 मीटर और दूसरी साइड में 35 मीटर सड़क चौड़ी की जानी है। इस जद में जो भी कच्चा-पक्का निर्माण होगा उसे ध्वस्त करने के लिए लाल निशान लगाए जा रहे हैं। यह सुनते ही क्षेत्रवासी भड़क उठे और सिंचाई विभाग की टीम को खरी-खोटी सुनाई।
आक्रोशित लोगों का कहना था कि चिह्नीकरण में जो मानक अपनाए गए हैं वह गलत हैं। लोगों ने कहा यदि इसी आधार पर चिह्नीकरण किया गया तो वे न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होंगे। मौके पर लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीम बिना लाल निशान लगाए ही वापस लौट गई। उधर, जब इस संबंध में सिंचाई विभाग के ईई व जेई से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं सका। संवाद
कोट
सिंचाई विभाग की टीम सड़क चौड़ीकरण के लिए लाल निशान लगाने गई थी। विरोध के चलते कार्य नहीं हो सका। अब दोबारा से सिंचाई व राजस्व विभाग की टीम सर्वे करेगी। साथ ही जो आपत्तियां हैं उनका निस्तारण करके कार्रवाई की जाएगी।
- अभय प्रताप सिंह, एसडीएम काशीपुर।