काशीपुर में द्रोणा माइनर का नाले में ढहा हिस्सा। संवाद
काशीपुर। रामनगर रोड को बाजपुर रोड से जोड़ने के लिए द्रोण माइनर को ढककर बनाए गए मिनी बाईपास की सड़क कई जगह जीर्णशीर्ण हो गई है। उबड़-खाबड़ रास्ते पर गड्ढों के कारण वाहनों के लिए जोखिम बना हुआ है। बारिश के दौरान तो इस सड़क पर चलना काफी खतरनाक हो गया है। पिछले दिन हुई बारिश में सड़क का एक हिस्सा नाले में गिर गया था।
वर्ष 2012 में द्रोण माइनर को ढक कर उसके ऊपर अठारह करोड़ रुपये की लागत से मिनी बाईपास बनाया गया था। तब रामनगर की ओर से बाजपुर रोड पर जाने वालों को सुविधा मिलने की उम्मीद थी। इससे शहर में यातायात व्यवस्था सुधरने की उम्मीद थी लेकिन क्षेत्रवासियों के मुताबिक भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यह सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है।
द्रोण माइनर के ऊपर बनी सड़क पर दोपहिया वाहन लेकर जाना भी किसी जोखिम से कम नहीं है। इस कारण छोटे चौपहिया वाहन तक इस मार्ग से नहीं चल पा रहे हैं। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण गिरिताल क्षेत्र में एक निजी अस्पताल के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा द्रोण माइनर में समा गया। इस कारण इसके ऊपर छोटे वाहनों तक की आवाजाही बंद हो चुकी है।
रामनगर रोड से बाजपुर रोड को मिलाने वाले द्रोण माइनर पर बने मिनी बाईपास की समस्या मुख्यमंत्री को भी बताई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि करीब अठाइस करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हो जाएगा। बजट मिलते ही मिनी बाईपास का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। - हरभजन सिंह चीमा, पूर्व विधायक काशीपुर।