भारामल मंदिर में घटनास्थल का मुआयना करते डीआईजी योगेंद्र रावत।
खटीमा। भारामल मंदिर के महंत श्रीहरिगिरि महाराज और सेवादार रूप सिंह बिष्ट की हत्या की जांच को लेकर बुधवार को डीआईजी योगेंद्र रावत और एसएसपी डॉ. मंजनाथ टीसी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीआईजी ने जांच में जुटी पुलिस टीमों की अब तक के कार्य की समीक्षा की। एसएसपी ने कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने और हत्याकांड का जल्द खुलासा करने का दावा किया।
सुरई रेंज के दूरस्थ जंगल में स्थित भारामल मंदिर में चार अक्तूबर की मध्यरात्रि को नकाबपोश बदमाशों ने श्रीहरिगिरि महाराज व उनके सेवादार रूप सिंह बिष्ट की हत्या कर दी थी। हमले में दो सेवादार नन्हे और जग्गू उर्फ जगदीश ने किसी तरह से अपनी जान बचाई।
बुधवार दोपहर को डीआईजी योगेंद्र रावत व एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी अचानक खटीमा पहुंचे। इसके बाद भारामल मंदिर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीआईजी ने दानपत्र के स्थान और नन्हे व जग्गू के सोने की जगह को भी देखा।
इसके बाद डीआईजी ने झनकईया थाने में समीक्षा करते हुए सभी टीमों से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली।
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। दोहरे हत्याकांड के जल्द खुलासे का प्रयास किया जा रहा है। वहां पर एसपी सिटी रुद्रपुर मनोज कत्याल, एएसपी वीर सिंह आदि थे।