गूलरभोज। बुक्सा जनजाति समाज की सदियों से प्रचलित ढलैया (आषाढ़ी) पूजा कर लोगों ने देश की उन्नति की कामना की। ग्राम चंदायन में ग्रामवासियों ने स्वनिर्मित डलिया में देवी भोग के व्यंजनों को रखकर ग्राम के मुखिया बसंत सिंह के आंगन में निर्मित नगराई (ग्राम देवता) की पूजा की। इसके बाद ग्राम के दक्षिण दिशा में आसुरी शक्तियों से रक्षा के लिए देवों के प्रतिष्ठित थान में पूजन किया गया। जनजाति आयोग के सदस्य बाबू सिंह तोमर ने बताया कि जनजाति समाज की यह पूजा रक्षक के रूप में शक्ति स्वरूप कुलदेवी मां बाल सुंदरी सहित समस्त देवी माताओं को समर्पित है। वहां करम सिंह, हरि सिंह, कैलाश सिंह, नंदन सिंह, सावित्री देवी, गोमती देवी, रामदेई देवी, चंदों देवी आदि मौजूद रहीं।