नानकमत्ता में क्षतिग्रस्त पुल पर लगाए गए कट्टे। संवाद
नानकमत्ता। देवहा नदी पर बना पुल एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के बीच में एक तरफ गड्ढा हो गया है। इससे पुल से वाहनों के गुजरने से खतरा पैदा हो गया है। विभागीय कर्मियों ने गड्ढे के आसपास रेत के कट्टे लगा कर उसकी घेराबंदी कर दी। जिस वजह से वाहनों की एक तरफ से आवाजाही हो रही है। पुल की जल्द मरम्मत न की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
पांच साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर करोड़ों की लागत से देवहा नदी पर पुल का निर्माण किया गया। पिछले साल भी इसी पुल पर गड्ढा हो गया था। एनएच की ओर से गड्ढे को भरकर पुल से आवाजाही शुरू कराई गई थी। अब एक बार फिर पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। सोमवार को बारिश से पुल के नानकसागर जलाशय की ओर के हिस्से में फिर एक बड़ा सा गड्ढा हो गया। गड्ढे से पुल की सरिया तक दिखाई दे रही है।
विभागीय कर्मियों की ओर से गड्ढे के आसपास रेत के कट्टे लगाकर वाहनों को एक तरफ से निकाला जा रहा है। पांच वर्ष के भीतर पुल के दूसरी बार क्षतिग्रस्त होने से पुल की निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने से आसपास के ग्रामीणों में आक्रोश है। एसडीएम सितारगंज तुषार सैनी ने बताया कि एनएच के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल की गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। लापरवाही बरतने वाली निर्माणदायी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-कोट:-
छह साल पहले पुल बना था। अब आकर पुल में खराबी आई है। जांच के लिए गाजियाबाद की टीम को बुलाया है। टीम की जांच के बाद पुल की मरम्मत कराई जाएगी। पुराने ठेकेदार को पुल में आई कमियों के लिए पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है।
-मीनू, प्रबंधक एनएचएआई खटीमा।
इंसेट
- 2018 में यातायातके लिए खोला गया था नव निर्मित पुल
- पहली बार जनवरी 2022 में हुआ था क्षतिग्रस्त
- 50 मीटर लंबा है यह पुल
- फिलहाल सड़क के एक तरफ से की गई है वैकल्पिक व्यवस्था