रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारियों को लेकर की गई अधिकांश घोषणाओं के पूरा होने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया गया। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों की एक समान पेंशन की मांग उठाई गई।
रविवार को नगर निगम सभागार में हुए सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार के साथ उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद हमेशा सहयोग की भूमिका में रहेगा। राज्य एक लंबे संघर्ष के उपरांत प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार में शहीदों के सपने पूरे होते दिखाई दे रहे हैं।
ये मांगें रखीं
राज्य आंदोलनकारी की मृत्यु के बाद राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाए। राज्य आंदोलनकारियों को उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी के नाम से परिभाषित, वास्तविक राज्य आंदोलनकारी का चिह्नीकरण, सशक्त भू कानून, मूल निवास, 60 साल से अधिक आयु वाले आंदोलनकारी के साथ में एक अन्य सहायक को परिवहन बस में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाए।
ये लोग हुए सम्मानित
इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले हरविंदर सिंह चुघ, भूपेश छिम्वाल, जिंदगी जिंदाबाद संस्था सहित अन्य लोगों को स्व. इंद्रमणि बडोनी स्मृति उत्तराखंड गौरव सम्मान दिया गया। इसके साथ ही महिला नीलम कांडपाल, शकुंतला तड़ियाल, मोहनी बिष्ट सहित 25 महिलाओं को उत्तराखंड गौरव रत्न दिया गया। परिषद अध्यक्ष अवतार सिंह बिष्ट ने बताया कि नई जिला कार्यकारिणी गठित की गई। इसमें राज्य आंदोलनकारी पीसी शर्मा को जिला अध्यक्ष, एस के नैय्यर को जिला महामंत्री, कांति भागुनी जिला उपाध्यक्ष, हरीश को संरक्षक मंडल में रखा गया।