रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारियों के साथ आपदा से हुए नुकसान, राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक वीसी के माध्यम से की। उन्होंने कहा कि आपदा की गाइडलाइन में भारत सरकार ने परिवर्तन किया है। गाइडलाइन के अनुसार आपदा क्षति का आंकलन कर डीपीआर तैयार कर कार्य किए जाएं।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय रिस्पॉस टाइम कम से कम हो। उन्होंने सात और आठ जुलाई को खटीमा, सितारगंज व नानकमत्ता में जलभराव के कारणों की डीप स्टडी सर्वे कराने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार की शाम उन्होंने वर्षाकाल के बाद डेंगू, मलेरिया व अन्य जलजनित रोगों से भी सचेत रहने व जागरूकता फैलाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में डीएम उदयराज सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि बीते दिनों खटीमा सहित अन्य जगहों पर बाढ़ और जलभराव के दौरान लगभग 12 घंटों में 1500 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया था। 1714 परिवारों को अलग-अलग राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया था। हाईवे पर जलभराव से पानी पांच फुट से अधिक हो गया था। कुल 23734 लोगों को लगभग 12 करोड़ राशि वितरित की गई है। वहीं आपदा न्यूनीकरण में 2.56 करोड़ के प्रस्ताव पास किए गए थे जिसमें शासन से एक करोड़ 45 लाख प्राप्त हो चुके हैं और बचे 1.12 करोड़ अवमुक्त करने का अनुरोध किया गया है। वहां पर सीडीओ मनीष कुमार, एडीएम अशोक कुमार जोशी, डीएफओ हिमांशु बांगरी, वीसी तिवारी आदि मौजूद रहे।