काशीपुर में गढ़ीनेगी पीएचसी केंद्र में महिला आयोग उपाध्यक्ष को आपबीती सुनाता पीड़ित पति। संवाद
साधारण प्रसव के दो घंटे बाद ही अस्पताल से डिस्चार्ज महिला की घर पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने एक स्टाफ नर्स पर महिला के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सूचना पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो ने पीड़ित परिवार का हाल जान कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
बाबरखेड़ा निवासी प्रवीण कुमार ने राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष को शिकायत पत्र देकर कहा कि डेढ़ साल पहले उसका विवाह बाजपुर रेलवे कॉलोनी निवासी अनु के साथ हुआ था। वह पत्नी के साथ मालधन में किराये पर कमरा लेकर रहता था। पत्नी ने पास में ही कपड़े की दुकान खोली थी।
27 अगस्त की सुबह पत्नी अनु सागर को प्रसव पीड़ा होने पर गढ़ीनेगी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। आरोप है कि केंद्र में तैनात एक स्टाफ नर्स ने देखने के बाद पत्नी को टहलने के लिए कहा। शाम को प्रसव नॉर्मल हो गया। कुछ समय बाद नर्स ने उन्हें घर भेज दिया।
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
घर पहुंचने से पहले ही पत्नी की मौत हो गई। नवजात शिशु स्वस्थ है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बुधवार को सायरा बानो ने केंद्र पहुंच कर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि केंद्र में तैनात स्टाफ से जानकारी ली। मामले की रिपोर्ट तैयार कर महिला आयोग को भेजी जा रही है। घटना की जांच कराई जाएगी।
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गढ़ीनेगी पीएचसी में प्रसव के कुछ घंटे बाद महिला की मौत की सूचना मौखिक मिली है। साधारण प्रसव होने पर 48 घंटे के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा सकता है। विभागीय टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी।
- डॉ. मनोज शर्मा, सीएमओ, ऊधमसिंह नगर