दिनेशपुर के मृतक शुभम का फाइल फोटो।
दिनेशपुर। शहर से सटे ग्राम रामबाग निवासी शुभम दास (22) की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। उसके पिता धीरेंद्र दास टेंपो चालक हैं। पिता धीरेंद्र ने बताया कि शुभम सिडकुल की एक फैक्टरी में काम करता था। शनिवार रात खाना खाकर शुभम अपने कमरे में जाकर सो गया। रविवार सुबह दस बजे तक दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने आवाज लगाई लेकिन जवाब नहीं मिला। कमरे का दरवाजा बंद होने के कारण परिजनों ने खिड़की तोड़कर देखा तो शुभम छत पर लगे लोहे के एंगल में फंदे पर लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारा गया। शुभम तीन भाई, बहनों में सबसे छोटा था। बताया गया कि कुछ दिनों से वह गुमशुम था। एसओ अनिल उपाध्याय ने मौका मुआयना किया। बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसके बावजूद आत्महत्या की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।
हाथों की नश काटकर दिव्यांग ने की खुदकुशी
खटीमा। चारुबेटा निवासी हनीफ (55) पुत्र अली सेन ने शनिवार शाम घर में दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। कुछ देर बाद परिजनों ने खिड़की से देखा तो वह लहूलुहान पड़ा था। परिजनों के शोर करने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे में पहुंचे तो देखा कि हनीफ बेहोश पड़ा था। परिजनों ने बताया कि उसने ब्लेड से दोनों हाथों की नसों को काट दिया था। इससे अत्यधिक रक्तस्राव हो गया। परिजन उसे उप जिला चिकित्सालय लाए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद रविवार को पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि चार भाई और एक बहन में सबसे बड़ा होने के बावजूद हनीफ दिव्यांग, अविवाहित था।