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Udham Singh Nagar News: बेटियां बोलीं, 21 की उम्र में विवाह का बने कानून

Fri, 24 Feb 2023 10:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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श्री सनातन धर्म कन्या डिग्री कॉलेज में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम
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छात्राओं को समाज में फैली कुप्रथाओं के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत शुक्रवार को आदर्श कालोनी स्थित श्री सनातन धर्म कन्या डिग्री कॉलेज में छात्राओं को सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक किया। छात्राओं ने भी दहेज प्रथा, बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या और बेटियों के साथ होने वाले भेदभाव के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया। विवाह की उम्र 21 वर्ष निर्धारित करने का कानून बनाने की मांग भी उठाई।
प्राचार्य डॉ. सतविंदर कौर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़े क्षेत्रों में आज भी बेटियों के साथ भेदभाव के मामले सामने आते हैं। समाज की पितृ सत्तात्मक सोच के कारण बेटियों को मां की कोख में मार दिया जाता है। दहेज के लिए कई लालची लोग बहुओं की हत्या कर देते हैं। बाल विवाह अभी भी चोरी-छिपे हो रहे हैं। प्राचार्य डॉ. कौर ने कहा कि समाज की इन कुप्रथाओं से लड़ने के लिए छात्राओं को सबसे पहले शिक्षित व साहसी होने की आवश्यकता है। छात्राओं में संस्कारों का होना भी बेहद जरूरी है, ताकि समाज को सभ्य बनाने में भूमिका निभा सकें।
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संस्कृत विभाग की अध्यक्ष डॉ चंपा जग्गा ने कहा कि छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने के साथ ही घटिया सोच वाले लोगों से बचना चाहिए। कई बार कामकाजी महिलाओं का इस तरह के लोगों से साबका पड़ता है। अभिभावकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बेटियों की शिक्षा पर ध्यान चाहिए। वहां पर डॉ. शिल्पा सिंघल, डॉ. सुगंधा भारद्वाज, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. प्रेरणा, डॉ. नेहा, डॉ. रेखा, डॉ. ज्योति, डॉ. विद्या, डॉ. नीतू आदि थे।
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कोट-
आज भी महिलाएं दहेज हत्या, घरेलू हिंसा की शिकार हो रही हैं। महिलाओं को इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए। मैं वकील बनकर सामाजिक कुप्रथाओं को खत्म करना चाहती हूं।- जेहरा, छात्रा ।
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बाल विवाह और अशिक्षा महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हैं। इसके लिए सरकार को महिलाओं के विवाह की उम्र 21 वर्ष निर्धारित करने का कानून बनाना चाहिए ताकि महिलाओं को पढ़ाई के लिए समय मिल सके। - काजल कौर, छात्रा।

कुछ लोग आज भी बेटी और बेटे में भेदभाव करते हैं। समाज की इस सोच को बदलने की जरूरत है। जबकि देश व समाज में सभी का महत्व बराबर है। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उच्च शिक्षा का मौका मिल रहा है। - रुचि श्रीवास्तव
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छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर भी सीखने चाहिए। इसके अलावा समाज में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध भी आवाज उठानी चाहिए। आज भी कई गावों में बेटियों का कम उम्र में विवाह कर दिया जाता है। - ऐश्वर्या विश्वास -
फोटो-24 आरडीपी 01पी- श्री सनातन धर्म कन्या डिग्री कॉलेज में छात्राओं को संबोधित करती प्राचार्य डॉ. सतविंदर कौर।
02पी- कार्यक्रम में मौजूद शिक्षिकाएं व छात्राएं।
03पी- जेहरा, छात्रा।
04पी- काजल कौर।
05पी- रुचि श्रीवास्तव।
06पी-ऐश्वर्या विश्वास।
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