निर्माणाधीन मकान में काम करते समय करंट लगने से एक श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गया। परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से आनन-फानन में उसे एक निजी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के मना करने पर परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ग्राम कचनालगाजी निवासी कमल प्रजापति के मकान में करीब एक महीने से दो मंजिले का निर्माण हो रहा है। मकान के ऊपर से 11 केवी की लाइन गुजर रही है। ठेकेदार प्रेमचंद के साथ बृहस्पतिवार को गांव का ही राहुल (22) पुत्र चुन्ना सिंह भी दिहाड़ी कर रहा था। दोपहर करीब एक बजे लिंटर के छज्जे से प्लास्टर छुड़ाने के दौरान राहुल पास से गुजर हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया।
वहां काम कर रहे मजदूरों ने उसे डंडे से छुड़ाया। परिजन उसे लेकर निजी और बाद में सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक दो भाइयों में बड़ा था। सूचना पर सप्लाई बंद कर विद्युत कर्मचारी मौके पर पहुंचे। निर्माणाधीन मकान के स्वामी कमल के पिता रामकिशन ने बताया कि घटना के समय वह अपनी भतीजी के तिलक समारोह में शिरकत करने मानपुर रोड पर गए थे।
सांसे लौटने की आस में दो घंटे रेत में दबाया शव
डॉक्टर के राहुल को मृृत घोषित करने के बाद भी परिजनों ने आस नहीं छोड़ी। राहुल की सांस वापस लाने के प्रयास में परिजनों ने दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े चार बजे तक उसे रेत में दबाए रखा। इसके बाद परिजनों ने राहुल की बॉडी को रजाई में भी दबाए रखा। सांस वापस लौटने की सारी उम्मीदें खत्म होने पर परिजनों ने राहुल के शव को रजाई से बाहर निकाला।
एक माह में ही उजड़ा सुहाग
राहुल की शादी 22 फरवरी को ग्राम डेरी मुरादाबाद निवासी भावना से हुई थी। बृहस्पतिवार को उसे पत्नी को ससुराल ले जाना था, लेकिन ठेकेदार के कहने पर वह काम पर चला गया। मृतक का छोटा भाई पवन कुमार आठवीं कक्षा का छात्र है। उसके बड़ी बहनों की शादी पहले ही हो चुकी है। पिता और बड़ा भाई मजदूरी करके ही परिवार का भरण पोषण करते हैं।
निर्माणाधीन मकान से 11 केवी की लाइन सटी हुई है। एक मजदूर को करंट लगने से मौत होने की सूचना मिली है। जेई को मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है। मकान स्वामी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। 11 हजार की लाइन से महज साढ़े तीन मीटर दूर निर्माण नहीं हो सकता है। मकान मालिका को नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाएगी और मृतक को मुआवजा दिया जाएगा।
- सुनील कुमार, एसडीओ शहर, ऊर्जा निगम काशीपुर।