नकुलिया गांव में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर चल रहे विवाद के निपटारे के लिए जमीन चिन्हित करने गए पटवारी को अवैध कब्जेदारों ने धमकाया और फिर प्रधान को उनके घर के सामने आकर गालियां दी। अवैध कब्जेदारों ने धमकी दी है कि अगर, उनकी जमीन पर कब्रिस्तान बनाने की सहमति बनाई तो पटवारी जी! तुम्हारी कब्र खोद देंगे। डर कर भागे पटवारी ने एसडीएम को मामले की जानकारी दी। एसडीएम ने बताया कि पटवारी की लिखित शिकायत पर अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
23 अक्टूबर 2013 को तत्कालीन राजस्व सचिव भास्करानंद ने नकुलिया गांव में कब्रिस्तान के लिए वर्ग पांच (3)ड. की अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि के खाता संख्या-381 के खसरा संख्या-318/1 मध्य रकवा 0.221 हेक्टेयर भूमि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग उत्तराखंड शासन को नि:शुल्क हस्तांतरण की स्वीकृति दी थी।
जिसके बाद राजस्व विभाग ने जमीन को चिन्हित कर भूमि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को हस्तांतरित की थी। कब्रिस्तान निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। जिस पर एसडीएम ने आठ सदस्यीय कमेटी गठित कर सर्वे पटवारी को जमीन चिन्हित करने के आदेश दिए थे।
शुक्रवार को सर्वे पटवारी रऊफ मोहम्मद नकुलिया ग्राम प्रधान ज्ञान सिंह के कार्यालय पर पहुंचे और दोनों पक्षों को चिन्हित भूमि दिखाने के लिए बुलाया। एक पक्ष के प्रधान के कार्यालय पर न आने पर गांव के प्राथमिक स्कूल में बैठक रखी गई। यहां नकुलिया गांव के सरकारी तालाब के सामने व अन्य जगहों पर चिन्हित सरकारी भूमि का पटवारी ने प्रस्ताव रखा। जिस पर कुछ अवैध कब्जेदार जमीन को देखने के लिए पटवारी को साथ ले गए।
पटवारी का आरोप है कि यहां अवैध कब्जेदार पक्ष के लोगों ने उसे घेरकर धमकाया कि अगर, उनकी जमीन पर कब्रिस्तान बनाने की सहमति बनाई तो उनकी कब्र खोद देंगे। इस पर पटवारी मौके से भाग पड़े और प्रधान को बताया। पटवारी के पीछे से प्रधान के घर के सामने पहुंचे अवैध कब्जेदारों ने प्रधान को भी गालियां दीं।
इसके बाद पटवारी ने एसडीएम अनिल शुक्ला को मामले की जानकारी दी। जिस पर शुक्ला ने पटवारी को जमीन चिन्हित करने से रोक दिया और वापस बुला लिया। एसडीएम ने बताया कि पटवारी की लिखित शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि प्रधान ने भी जानमाल का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार की है।