एक पेपर मिल की मशीन में फंसकर एक श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन रातभर शव के आगे रोते बिलखते रहे और पुलिस को शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया। मिल प्रबंधकों द्वारा मृतक के परिवार को साढ़े चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन देने पर परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
सोमवार की देर रात रामनगर मार्ग में स्थित विश्वकर्मा पेपर मिल के प्लांट में श्रमिक चंद्रशेखर (26) पुत्र लाल सिंह निवासी हाल निवासी टीचर्स कालोनी, मूल निवासी चांदपुर बिजनौर काम कर रहा था। पेपर रोलर में काम करते समय अचानक उसका हाथ मशीन की चपेट में आ गया और मशीन ने उसे अंदर खींच लिया।
इससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। उसे मशीन से निकालकर उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर मृतक के पिता लाल सिंह, माता रेखा, भाई विपिन कुमार, पत्नी सपना रानी अपनी तीन वर्षीय पुत्री को लेकर रोते बिलखते अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मुआवजे की मांग को लेकर पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया।
मंगलवार सुबह पुलिस ने शव लेने पहुंची, लेकिन परिजनों ने बैरंग भेज दिया। मामला तूल पकड़ता देख मिल प्रबंधकों ने परिजनों से वार्ता कर मुआवजे के रुप में साढ़े चार लाख रुपए देने का आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मृतक के पिता लाल सिंह ने बताया कि उसका दूसरा बेटा विपिन अभी छोटा है। परिवार की सारी जिम्मेदारी चंद्रशेखर पर ही थी।