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शराब की दुकानों पर महिलाओं का धावा

Sat, 22 Apr 2017 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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श्‍ाराब का विरोध करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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शराब के खिलाफ लोगों का गुस्सा शुक्रवार को फिर भड़क उठा। हाथों में डंडे लिए महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने दो दुकानों पर धावा बोल दिया। फ्लैक्स उखाड़ फेंके और शटर तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को काबू कर लिया। उसके बाद भीड़ कच्ची शराब बेचने का आरोप लगाते हुए एक मकान में घुसने लगी। पुलिस ने भीड़ को समझाकर कुछ लोगों के साथ मकान की तलाशी ली, लेकिन शराब नहीं मिली। इस बीच कुछ लोग धरने पर बैठ गए। प्रभारी कोतवाल रचिता जुयाल और सीओ राजेश भट्ट के समझाने पर वे मान गए। दुकानों के  सेल्समैन ने कई लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ की तहरीर पुलिस को सौंपी है।
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शुक्रवार सुबह नौ बजे शराब विरोधी नारे लगाते हुए कई महिलाएं, पुरुष और बच्चे हाथों में लाठी-डंडे लिए गंगेबाबा रोड पर स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर पहुंचे। इस दौरान दुकान का शटर बंद था और सेल्समैन दुकान से बाहर थे। गुस्साए लोगों ने दुकान के बाहर लगा साइन बोर्ड उखाड़ दिया और शटर तोड़ने का प्रयास करने लगे। सूचना पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे बांसफोड़ान चौकी प्रभारी जसविंदर सिंह और कटोराताल चौकी प्रभारी जयपाल सिंह चौहान ने किसी तरह रोका। इसके बाद लोगों ने पास ही स्थित देसी शराब की दुकान के शटर को भी तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन यहां भी पुलिस पहुंच गई। 

पास ही की गली में रहने वाले एक व्यक्ति पर कच्ची शराब बेचने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने उसके घर में घुसने का प्रयास किया, लेकिन  पुलिसकर्मियों ने दरवाजे पर खड़े होकर भीड़ को रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने एक प्रदर्शनकारी को साथ लेकर घर की तलाशी ली, लेकिन उनको शराब नहीं मिली। इस पर लोग वहां से वापस आकर देसी शराब की दुकान पर धरने पर बैठने लगे। प्रभारी कोतवाल रचिता जुयाल और सीओ राजेश भट्ट ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। शराब की दुकान बंद कराने पर अड़ी महिलाओं ने एसडीएम दयानंद सरस्वती के समक्ष भी अपनी मांग रखी।
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 इस पर एसडीएम ने बताया कि दुकानों का 30 अप्रैल तक का लाइसेंस शुल्क जमा है। उन्होंने कहा कि एक मई के बाद दुकानें नहीं खुलेंगी। एसडीएम ने तोड़फोड़ की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए घटना की रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। बाद में दोनों शराब की दुकानों के सेल्समैनों ने आधा दर्जन नामजद सहित दर्जनों के खिलाफ तोड़फोड़ करने की तहरीर दी।

हंगामा करने वालों में केवल कुछ लोग ही स्थानीय
शराब की दुकानों के सेल्समैनों ने बताया कि विरोध करने वाले में स्थानीय मुहल्ले के चार छह लोग ही थे। बाकी सभी लोग दूसरे क्षेत्रों के हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों और किशोरों के हाथों में लोहे की सरिया और महिलाओं के हाथों में डंडे थे।
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