एक व्यक्ति पर उसकी सास और पत्नी ने तेजाब फेंककर झुलसाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। कोतवाली पुलिस ने दोनों का अस्पताल में उपचार कराया। हालांकि उपचार करने वाले डॉक्टर ने एसिड अटैक से इनकार किया है।
मंगलवार को कोतवाली में कथित तेजाब से झुलसी बाजपुर निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि उसके और उसकी पुत्री के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ फेंकने वाला उसका दामाद है। विवाह के बाद से ही दामाद उसकी 24 वर्षीय पुत्री को परेशान करने लगा था। इससे पुत्री उसके पास रहने लगी। दोनों का विवाद परिवार न्यायालय में चल रहा है।
मंगलवार को मामले की तारीख थी। वह पटेलनगर होकर कोर्ट जा रहे थे। निरंकारी आश्रम के पास एक बाइक पर सवार उसके दामाद समेत दो युवकों ने उन पर एक बोतल से ज्वलनशील पदार्थ फेंका। मां-बेटी ने तेजाब से झुलसे अपने कपड़े दिखाए। शरीर पर ज्वलनशील पदार्थ के निशान दिखाए। महिला का कहना है कि दामाद अपनी बेटी को जबरन ले जाने की धमकी देता है।
इस कारण बच्ची स्कूल जाने से डरती है। शिकायत के बाद भी पुलिस अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। महिला की लिखित तहरीर के बाद पुलिस ने आरोपी को फोन कर बुलाया तो वह कोतवाली पहुंच गया। उसने कहा कि फैमिली कोर्ट में उनका केस चल रहा है। जब भी तारीख होती है तभी उसकी सास, पत्नी हमेशा नाटक करती है।
एसिड अटैक को पुलिस संदिग्ध मान रही
प्रभारी कोतवाल रचिता जुयाल ने मां-बेटी को अस्पताल भेजकर जांच शुरू कर दी। जांच के बाद उन्होंने बताया कि लड़की और उसके पति के विवाद का मामला फैमिली कोर्ट में चल रहा है। दोनों के शरीर पर तेजाब से झुलसने के ताजे निशान नहीं हैं। उपचार करने वाले डॉक्टर ने भी एसिड अटैक से इंकार किया है।
महिला इसी प्रकार की शिकायतें बाजपुर पुलिस में भी कर चुकी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई तो मां-बेटी आराम से पैदल जाती दिखाई दे रही हैं। घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों ने बताया कि वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई। प्रभारी कोतवाल ने कहा कि शिकायत की गंभीरता जांच की जा रही है।