रुद्रपुर के भारत गैस एजेंसी में विरोध प्रदर्शन करते लोग
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डिलीवरी प्वाइंट पर पर्याप्त घरेलू गैस सिलेंडर वितरित न करने से गुस्साए उपभोक्ता खाली गैस सिलेंडर लेकर भारत गैस एजेंसी के गोदाम पर आ धमके। उन्होंने गैस एजेंसी कार्यालय में प्रदर्शन कर डिलीवरी ब्वाय और कुछ कर्मचारियों पर एलपीजी की कालाबाजारी का आरोप लगाया। हंगामे के बीच उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
रविवार सुबह करीब सात बजे कड़ाके ठंड के बीच प्रीत विहार, रम्पुरा और शिव नगर के उपभोक्ता घरेलू गैस सिलेंडर के वाहन का इंतजार कर रहे थे। करीब 10:30 भारत गैस का डिलीवरी वाहन पहुंचा। आरोप है कि डिलीवरी और वाहन में सवार कर्मचारी कुछ ही लोगों को सिलेंडर वितरित कर लौट गए। इस पर आक्रोशित उपभोक्ता अपने-अपने खाली सिलेंडरों को लेकर रामपुर रोड स्थित भारत गैस एजेंसी के गोदाम पर जा पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी घरेलू गैस सिलेंडरों को होटलों और ढाबों में प्रति सिलेंडर 1000 रुपये में कालाबाजारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि रुद्रपुर में भारत गैस के करीब 16 हजार उपभोक्ता हैं। लचर व्यवस्था के कारण अधिकांश उपभोक्ता परेशान हैं। एजेंसी प्रबंधक के मौजूद न होने पर लोगों की कर्मचारियों के साथ कहासुनी भी हुई। गोदाम के गेट पर उनकी डिलीवरी और अन्य कर्मचारियों के साथ झड़प हुई। आक्रोशित उपभोक्ताओं को समझाते हुए एजेंसी के कर्मचारी गजेंद्र राणा उर्फ मंटू ने कहा कि वर्तमान में भारत गैस के सिलेंडरों की बरेली (यूपी) और हल्दूचौड़ (नैनीताल) से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण यह समस्या आ रही है।
उन्होंने कालाबाजारी के आरोपों को गलत बताया। इस बीच एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी का विरोध करने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पर्ची दिखाकर सिलेंडर ले जाने लगे। इस पर प्रदर्शनकारियों का इन युवकों से झगड़ा हो गया। अन्य लोगों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। प्रदर्शन करने वालों में सावेज हुसैन, हरजीत सिंह, कविता, शीतल, शोनू शर्मा, मनोज रौतेला, गोविंद शर्मा, हसन, देवेंद्र, कबन सिंह आदि थे।