हरिपुरा जलाशय प्रकरण में ग्रामीणों पर फायरिंग करने के आरोपियों को देख गुस्साई भीड़ ने उन्हें दबोच लिया, जिसके बाद भीड़ ने आरोपियों की जमकर धुनाई कर दी।
जैसे ही पुलिस टीम को भनक लगी तो चौकी प्रभारी और थानाध्यक्ष दिनेशपुर मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों को भीड़ के चंगुल से बचाया। गुस्साई भीड़ आरोपियों को छीनने की कोशिश कर रही थी। पुलिस टीम ने बमुश्किल भीड़ का आक्रोश शांत किया और आरोपियों को थाने लेकर आई।
जहां पुलिस आरोपियों की धरपकड़ के लिए जगह-जगह खाक छान रही थी। वहीं अपराधी खुलेआम जलाशय के इर्द-गिर्द ही घूमते मिले। इससे स्पष्ट है कि स्थानीय पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह फेल है, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले का कड़ा रुख अपराधियों को पकड़ने के लिए किया गया था।
शनिवार शाम को जायलो गाड़ी संख्या यूके07जीबी9488 पर सवार चार युवकों को ग्राम ठंडा नाला के पास घूमते हुए ग्रामीणों ने देखा और टेंपो स्टैंड के समीप घेर कर रोक लिया। भीड़ को अपनी ओर आता देेख, एक युवक मौके से भागने में सफल रहा। परंतु भीड़ ने तीन युवकों को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया।
जैसे ही थाना दिनेशपुर व चौकी प्रभारी को हुई। आनन-फानन में पुलिस फोर्स मौके की ओर दौड़ पड़ी। भीड़ से बमुश्किल छुड़ाने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों का गुस्सा शांत किया और तीन युवकों को गिरफ्तार कर थाने लेकर आई। लोगों को आरोप था कि चारों युवक फायरिंग की घटना के दिन फायरिंग कर रहे थे।
किच्छा नई बस्ती निवासी जमील व हसीन और लालकुआं के तिवारी नगर निवासी सूरज को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। वहीं ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का भी आरोप लगाया। कहना था कि फायरिंग की घटना को बीस दिन बीतने के बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
यहां बता दें कि 31 मई को बौर जलाशय के मछली ठेकेदारों ने ग्रामीणों पर मछली का शिकार करने के आरोप में अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इसमें महिलाओं सहित लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए थे। बिलकिश बेगम की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
उसी रात पुलिस ने मात्र एक आरोपी को ही गिरफ्तार किया था। उधर, एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि पकड़े गए आरोपी तीनों युवक फायरिंग के वास्तविक आरोपी हैं। पुलिस ने पहले ही उनकी पहचान कर दबिश दे रही थी। पुलिस के दबाव के कारण ही आरोपी डैम की ओर रूख किया था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है।