बेकाबू डंपर ने सड़क किनारे बाइक पर बैठे युवक को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर छोड़कर चालक फरार हो गया। खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण जमा हो गए। हादसे से गुस्साए लोगों ने डंपर को आग लगा दी। उन्होंने आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर भी आग लगाने का प्रयास किया।
]जिसे पुलिस और सीआरपीएफ ने बमुश्किल रोका। उसके बाद ग्रामीण प्रशासनिक अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए शव भी नहीं उठाने दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम से उन्होंने स्कूल समय में खनिज वाहनों पर आवागमन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। एसडीएम ने बैठक के बाद फैसला लेने का आश्वासन दिया।
सोमवार दोपहर 12 बजे ग्राम भीमनगर बजर पट्टी निवासी सुरजीत सिंह (18) पुत्र कश्मीर सिंह अपने दो चचेरे भाई कक्षा 6 में पढ़ने वाले अमनदीप पुत्र जीत सिंह और कक्षा 7 में पढ़ने वाले संदीप पुत्र त्रिलोक सिंह को लेने जूनियर हाई स्कूल भीमनगर गया। विद्यालय सड़क किनारे है।
सुरजीत सिंह गेट के सामने बाइक खड़ी कर बच्चों की छुट्टी होने का इंतजार कर रहा था। तभी पीछे से रेता और पत्थर से भरे ओवरलोड डंपर ने सुरजीत सिंह को चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक डंपर छोड़कर फरार हो गया।
दुर्घटना की खबर फैलते ही भीमनगर बजर पट्टी और आसपास के गांव के महिला-पुरुष हाथों में सरिया, डंडे लेकर आए और डंपर पर हमला कर दिया। लोगों का गुस्सा इतने पर भी शांत नहीं हुआ। उन्होंने डंपर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस बीच महिलाएं चीखती-चिल्लाती डंपर पर पथराव करती रहीं। डंपर पर आग लगाने की खबर फैलते ही पुलिस में खलबली मच गई।
कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी धीरेंद्र कुमार, एसएसआई लाखन सिंह, बांसफोड़ान चौकी प्रभारी सुनील सिंह बिष्ट, टांडा चौकी प्रभारी प्रहलाद बिष्ट, उपनिरीक्षक पैगा चौकी पीडी जोशी के अलावा कुंडा थाना और जसपुर पुलिस थाने की पुलिस तथा सीआरपीएफ की टुकड़ी और फायर ब्रिगेड अधिकारी नयन सिंह बोरा के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
फायर ब्रिगेड की गाड़ी आती देख गुस्साई भीड़ हाथों में डंडे और सरिया लिए गाड़ी पर आग लगाओ कहते हुए दौड़ पड़े। उन्होंने वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया और आग लगाने पर उतारू हो गए, लेकिन बड़ी संख्या में पु़लिस और सीआरपीएफ होने की वजह से वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेल दिया। तब फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने डंपर में लगी आग बुझाई।
उसके बाद ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने पर अड़ गए। उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए शव नहीं ले जाने दिया। डेढ़ घंटे बाद एसडीएम मौके पर पहुंचे तो लोगों ने खनन भरे वाहनों के चलने पर खरी-खोटी सुनाई। एसडीएम द्वारा आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर मृतक के पिता कश्मीर सिंह ने पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया।
महिलाओं में था भारी आक्रोश
महिलाओं में युवक की मौत को लेकर भारी आक्रोश था। महिलाएं फायर ब्रिगेड की गाड़ी को डंपर की आग नहीं बुझाने दे रही थी। पुलिस ने बमुश्किल रोका। खासकर मृतक की भाभियां रोती-चिल्लाती दहाड़े मारकर गिर रही थीं और डंपर पर हमला कर रही थीं। मृतक के दो बड़े भाई मनेंद्र सिंह और बलकार सिंह व बहन पिंकी है।
पुलिस से नोकझोक
इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। लोगों का कहना था कि पुलिस 100 रुपये डंपर लेकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने पुलिस पर ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली कर आवाजाही की छूट का आरोप लगाया।
डंपरों पर रोक लगाने की मांग
एसडीएम विजय जोगदंडे व सीओ जीसी टम्टा के आने पर स्कूल समय में इस मार्ग पर खनन भरे डंपर नही चलने देने की मांग की। जिसे दोनों अधिकारियों ने स्वीकार कर कहा कि वह इस संबध में ग्रामीणों से बैठक करेंगे।