नॉन प्रेक्टिस एलाउंस मिलने के बाद भी सरकारी आवास पर मरीज से फीस और ईसीजी के साढ़े तीन सौ रुपए लेते सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधीक्षक को विजिलेंस टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। बाद में टीम ने डाक्टर के निजी आवास और बैंक पहुंचकर अन्य संपत्ति, खातों और लॉकर की भी जांच की। जहां लाखों रुपए की संपत्ति पाई गई।
बीते सात अप्रैल को यूपी के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के पूर्व प्रधान गिरवर सिंह ने शासन से नॉन प्रेक्टिस एलाउंस लेने के बावजूद निजी प्रेक्टिस कर रुपए लेने का आरोप लगाया था। जांच में सत्यता पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने शासन से अनुमति लेने के बाद शुक्रवार को स्थानीय पुलिस को साथ लेकर सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डा. बीसी जोशी के सरकारी आवास पर एक मरीज को भेजा।
उसको देखने और ईसीजी करने के बाद प्रभारी सीएमएस ने साढ़े तीन सौ रुपए मांगे। रुपए देने के बाद विजिलेंस टीम ने सीएमएस को रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम ने सरकारी आवास पर सीएमएस के गल्ले में रखी कुछ नकदी भी बरामद की। बाद में टीम डा. जोशी को लेकर उनके निजी आवास मोहल्ला आवास-विकास पहुंची। जहां टीम को लाखों की नकदी, करीब 20 बैंकों की पासबुक, लाखों रुपए की एफडी और इलाज की महंगी मशीन मिली। निजी आवास के बाद टीम रामनगर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा पहुंची। जहां टीम ने बैंक खातों और लॉकर की जांच की। बैंक खाते में भी लाखों रुपए और लॉकर में ज्वैलरी पाई गई। इसके बाद टीम डा. जोशी को अपने साथ हल्द्वानी ले गई। टीम में ट्रैप प्रभारी उत्तम सिंह जिमवाल, निरीक्षक डीआर आर्या, कांस्टेबल इसरार नवी, अब्दुल माजिद आदि शामिल थे।