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छोटा पुल बना नहीं, सपने दिखाये फ्लाईओवर के

Thu, 23 Nov 2017 12:03 AM IST
कुंदन बिष्ट/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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पुल से गुजरता वाहन - फोटो : अमर उजाला
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राज्य में सरकारी मशीनरी की चाल का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल भर पहले शुरू हुए छोटे से नए पुल के अब तक दो खंभे भी खड़े नही हो सके हैं। वहीं पुराना पुल जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है, यह कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकता है।
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बाजपुर रोड पर ब्रिटिशकालीन बहल्ला पुल सौ साल से भी पुराना है। एनएच पर यातायात के बोझ से यह पुल दम तोड़ता नजर आ रहा है। पुल की जर्जर हालत को देखते हुए करीब दो साल पहले उद्योगपतियों ने तत्कालीन सीएम हरीश रावत से मिलकर नया पुल बनाने की मांग की थी। जिसे स्वीकृति भी मिल गई। टेंडर होने के बाद कार्यदायी संस्था ने काम भी शुरू कर दिया। लेकिन नए पुल के बनने की रफ्तार इतनी सुस्त है कि अब तक नदी के दोनों ओर दो खंभे तक तैयार नहीं हो सके हैं। 

उधर, पुराने पुल की दोनों सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसमें कई हादसे हो चुके हैं। सिंगल पुल होने के चलते रात में भारी वाहन गुजरने से एनएच पर जाम बहुत आम है। पुल के दोनों ओर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग जाती है। पहाड़ से देहरादून जाने के लिए वाहनों को इसी पुल से होकर जाना पड़ता है। साथ ही उद्योगों का माल इसी पुल से होकर अपने गंतव्य को जाता है। 
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नए पुल का काम बेहद सुस्त गति से चल रहा है। पुल बनाकर तैयार करने की अवधि भी समाप्त हो चुकी है। एक बार बीच में काम रोक दिया गया था। लेकिन केजीसीसीआई ने जब इस संबंध में पत्राचार किया तब काम दोबारा शुरू हुआ। पुराने पुल की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। कभी भी इस पुल पर बड़ा हादसा हो सकता है।
-राजीव घई, पूर्व केजीसीसीआई अध्यक्ष।


किसी भी काम को पूरा करने के लिए इच्छाशक्ति होनी चाहिए। नया पुल जल्दी तैयार हो इसके लिए सरकार और शासन की इच्छा शक्ति कहीं नजर नहीं आती है। प्रशासन शायद पुराने पुल पर किसी बड़ी घटना होने का इंतजार कर रहा है। सिंगल व जर्जर पुल पर घंटों जाम लगने से उद्योगों समेत लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
-योगेश जिंदल, पूर्व केजीसीसीआई अध्यक्ष


पुराना पुल जर्जर स्थिति में है। रोजाना रात को इस पुल पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। नए पुल का काम बेहद सुस्त गति से चल रहा है। प्रशासन और सरकार इस जर्जर पुल की संवेदनशीलता को समझ नहीं रहे हैं। कई बार पुल में जाम से वाहनों को कई किलोमीटर घूमकर काशीपुर आना पड़ता है। इस पुल से उद्योगों का काम भी प्रभावित हो रहा है।
-देवेंद्र अग्रवाल, एमडी, काशी विश्वनाथ स्टील्स


बहल्ला पुल का काम सुस्त गति से चल रहा है। इस पुल पर जाम भी लगता है। नए पुल की निर्माणदायी संस्था और समयावधि की जानकारी मांगी गई है। पुल के निर्माण की जानकारी मैंने मुख्यमंत्री को भी दी है। पुल का निर्माण जल्द से जल्द हो यह मेरी प्राथमिकता है। 
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-हरभजन सिंह चीमा, विधायक, काशीपुर।
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