अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चोरी के दो अलग-अलग मुकदमों का माल बरामद होने पर दो आरोपियों को दो-दो वर्ष के कारावास और एक-एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
रेलवे कॉलोनी निवासी अजब सिंह चौहान पुत्र अमर सिंह ने आठ अगस्त 2014 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी मां मेडिकल कॉलेज से घर लौटी तो घर के ताले तो ठीक से लगे थे। मगर घर में घुसने पर अलमारी खुली मिली, जिसमें से लाखों के जेवरात और नकदी गायब थी।
उधर, रेलवे कॉलोनी की ही निशा राय पत्नी एसके राय ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 22 जुलाई 2014 को दोपहर करीब पौने 12 बजे वह स्टेशन रोड स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से घर लौटी तो पिछला गेट खुला था। चोर अलमारी खोलकर सोने-चांदी के जेवरात व नकदी ले गए थे।
दोनों मुकदमों की विवेचना उपनिरीक्षक अनिल आर्य ने की। पुलिस ने सितंबर 2014 में मुरादाबाद के थाना ठाकुरद्वारा क्षेत्र में दबिश देकर मोहल्ला नई बस्ती निवासी इमरान और शादाब को गिरफ्तार कर दोनों वारदातों का खुलासा कर दिया। विवेचना अधिकारी ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अनुज कुमार साहनी ने की। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने पर एसीजेएम ने दोनों आरोपियों को धारा 411 के तहत दोषी पाया। अदालत ने इमरान व शादाब को दो-दो वर्ष के कारावास व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि उन्हें धारा 380 में दोषमुक्त कर दिया गया।