खटीमा कोतवाली पुलिस ने चोरी की 10 बाइकों सहित गिरोह के सरगना व एक अन्य को दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।
एसआई विनोद फर्त्याल, विनोद चंद्र जोशी पुलिस टीम के साथ पीलीभीत रोड पर शनिवार शाम सवा सात बजे चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान दो पुलिस के रोकने पर बाइक सवार भागने लगे। पुलिस उन्हें दबोच कर कोतवाली ले आई।
कोतवाली में सीओ बीएल मधवाल, कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट, जगदीश ढकरियाल की मौजूदगी में की गई कड़ी पूछताछ में दोनों ने स्वयं को मुजीब अहमद निवासी गुलड़िया दुल्हन थाना न्यूरिया जनपद पीलीभीत और इरशाद निवासी भिखारीपुर थाना सुनगढ़ी जनपद पीलीभीत बताया। पूछताछ में दोनों ने बाइकों के खटीमा से चुराने की बात स्वीकारते हुए अन्य बाइकों के छिपाने की बात कबूली।
पुलिस टीम ने रात में ही उनकी निशानदेही पर धनकुना में एक मकान में छिपाई गई आठ बाइकें बरामद कीं। टीम में एसआई कृष्ण कुमार, बसंत पंत, राजेंद्र पंत, तपेंद्र जोशी, मो. नासिर, चंद्र सिंह, संजय शर्मा, मोहन सिंह रंसवाल, हरेंद्र थापा आदि थे। चार दिन पूर्व भी पुलिस ने दो बाइकों सहित चार चोरों की पकड़कर जेल भेजा था।
एसएसपी और एएसपी ने की पुरस्कार की घोषणा
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते और एएसपी देवेंद्र पिंचा ने पुलिस टीम को ढाई-ढाई हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की। वहीं व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना ने पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की।
बाइक चोरों का मास्टर माइंड मुजीब है
सीओ बीएल मधवाल ने बताया कि मुजीब ही बाइक चोरों का मास्टर माइंड है और पिछले ढाई महीने से इस्लामनगर गोटिया में रहकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। यह भी बताया कि मुजीब जहानाबाद जनपद पीलीभीत यूपी थाने से जेल जा चुका है।
यूपी पुलिस भी पहुंची कोतवाली
मुजीब के पकड़े जाने की खबर मिलते ही पीलीभीत के सुनगढ़ी थाने के उपनिरीक्षक सुल्तान अहमद ने भी कोतवाली में पहुंचकर पूछताछ की। उन्होंने बताया कि सुनगढ़ी में उसके खिलाफ पांच मामले हैं। यह भी कहा कि मुजीब अन्य थाना क्षेत्रों में भी घटनाओं को अंजाम देता था।