सितारगंज। बेकाबू ट्रक स्कूल के बच्चों और टीचरों पर काल बनकर पलटा। स्कूल गेट पर पलटे ट्रक के नीचे दबकर दो शिक्षिकाओं और दो विद्यार्थियों की मौत हो गई, एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने हाइड्रा की मदद से ट्रक को सीधा कर चारों शव बाहर निकाले। डीएम और एसएसपी ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंच हादसे की जानकारी ली। डीएम ने सीएम की ओर से मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की। इधर, शोक में शहर का बाजार भी बंद रहा।
शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे चोरगलिया बाईपास स्थित एसएम पब्लिक स्कूल के गेट पर एक ट्रक (एचआर26-9243) अनियंत्रित होकर पलट गया। इससे स्कूल आ रही वार्ड संख्या पांच निवासी टीचर कसाना परबीन (35) पत्नी इकबाल हुसैन, सैफी (20) पुत्री अब्दुल माजिद, वार्ड संख्या चार निवासी कक्षा छह का छात्र मो. अनस (11) पुत्र मो. हनीफ और वार्ड संख्या तीन की रहने वाली कक्षा छह की छात्रा समीरा गाजी (12) पुत्री साबिर अली ट्रक के नीचे दब गए। इसके अलावा अनस का बड़ा भाई कक्षा सातवीं का छात्र मो. सोहिल (13) घायल हो गया। इससे स्कूल प्रबंधन, स्टाफ और विद्यार्थियों में चीखपुकार मच गई। आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। हादसे की सूचना पुलिस को दी। आननफानन में थानाध्यक्ष पीके राणा मय पुलिस बल के घटनास्थल पहुंचे और हाइड्रा की मदद से ट्रक को सीधा कर चारों शव बाहर निकलवाकर सीएचसी पहुंचाए। एएसपी टीडी वैला ने बताया कि विद्यार्थियों के परिजनों की पोस्टमार्टम न करने की मांग पर डीएम के निर्देश पर दोनों शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए। टीचरों के शव पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेजे गए हैं।
इधर, डीएम डा. पंकज पांडेय और एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने घटनास्थल, अस्पताल और मृतकों के घर पहुंचकर हादसे की जानकारी लेकर ली और घटना पर दुख जताया। डीएम ने बताया कि हादसे पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने संवेदना व्यक्त की है और मृतकों के परिवारों को सीएम राहत कोष से एक-एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में चार लोगों की मौत पर व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक जताया।