नशा कारोबारियों के खिलाफ जिले में चलाए गए अभियान के क्रम में एसओजी को बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने एक किलो स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गये तस्कर पंजाब से खरीदी गई स्मैक को काशीपुर में बेचने की फिराक में थे। बरामद स्मैक की कीमत बाजार में करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने पंजाब से स्मैक की खेप लाने वाले दो और लोगों को चिन्हित कर तलाश शुरू कर दी है। डीआईजी ने टीम को पांच हजार और एसएसपी ने ढाई हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते को काशीपुर में बड़े पैमाने पर स्मैक तस्करी की सूचना मिली थी। उन्होंने स्मैक तस्करों की धरपकड़ के लिए सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में एसओजी टीम को लगा दिया था। शनिवार को सीओ कार्यालय में एसएसपी ने स्मैक तस्करी का खुलाया किया। शनिवार की दोपहर एसओजी प्रभारी विद्यादत्त जोशी को सूचना मिली कि धौलपुर श्मशान घाट के पास दो युवक स्मैक लेकर आने वाले हैं। इसके बाद विद्यादत्त ने टीम के साथ मौके पर दबिश देकर एक किलोग्राम स्मैक के साथ दो लोगों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम ग्राम चांदपुर थाना चांदपुर जिला बिजनौर यूपी निवासी दयाराम पुत्र रामप्रसाद और महुवाखेड़ागंज थाना आईटीआई काशीपुर निवासी रविंद्र सिंह उर्फ रिंकू पुत्र शीशपाल बताया है।
आरोपियों ने बताया कि पंजाब से स्मैक की खेप 15 लाख में मंगाकर 30 लाख रुपये में बेचने की योजना थी। पहले भी वह काशीपुर क्षेत्र में तीन किलो स्मैक बेच चुके हैं। इस बार भी काशीपुर में ही माल खपाना था। सौदे के लिए ही वह आए थे लेकिन उससे पहले ही पकड़ में आ गए। पुलिस ने एक आरोपी रविंद्र से बरामद लाइसेंसी पिस्टल और बोलेरो को भी कब्जे में लिया। टीम में एसएसआई नासिर हुसैन, कांस्टेबल खीम सिंह, संतोष सिंह, महेंद्र डंगवाल, गणेश पांडे, चंद्रशेखर टाकुली, चालक मदनलाल थे।
बिजनौर के सरदार और फौजी भी पुलिस रडार पर
रुद्रपुर। एसओजी द्वारा पकड़ी गई एक किलो स्मैक के मामले में बिजनौर के एक फौजी और सरदार का नाम भी सामने आया है। पकड़े गये आरोपी सरदार और फौैजी ही पंजाब की स्मैक लाते थे। स्मैक को खरीदने के बाद वह दोगुने दामों पर बेचते थे। स्मैक की गुणवत्ता को देखकर उसकी कीमत तय की जाती थी। दयाराम की फोन डिटेल से पुलिस के हाथ फौजी और सरदार के खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
काशीपुर पहुंचने पर तस्करों ने बदल दी थी गाड़ी
रुद्रपुर। शनिवार को पकड़ी गई स्मैक का सौदा करने के लिए दयाराम बिजनौर से काशीपुर तक रविंद्र की कार से आया था। इसके बाद रविंद्र की कार उसके घर पर छोड़कर उसकी बोलेेरो में दोनों सवार हो गए थे। पुलिस ने रविंद्र की कार को भी कब्जे में ले लिया है। दो महीेने पहले भी स्मैक का सौदा करने के लिए आया दयाराम रविंद्र के घर पर ही रुका था।
रविंद्र के है सियासी कनेक्शन
रुद्रपुर। एक करोड़ की स्मैक के साथ पकड़ा गया स्मैक तस्कर काशीपुर निवासी रविंद्र पेशे से प्रापर्टी डीलर है। उसका राजनीतिक लोगों के साथ भी गहरे ताल्लुकात भी हैं। वह क्षेत्र में ही एक जनप्रतिनिधि का रिश्तेदार भी है। सूत्रों के अनुसार स्मैक की खरीद में भी रविंद्र ने ही 15 लाख रुपये लगाये थे। वह निकाय चुनाव की तैयारी में भी जुटा था। शनिवार को रविंद्र के पकड़ जाने पर कोतवाली में काशीपुर क्षेत्र के राजनीतिक लोगों का जमावड़ा लगा रहा।
सात महीने में एनडीपीएस के 131 मामले दर्ज
रुद्रपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाते हुए पुलिस ने मार्च से अक्तूबर तक कुल 130 मामले एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किए जा चुके हैं। इसमें 1026 ग्राम स्मैक की बरामदगी हुई है। इनमें सबसे अधिक मामले स्मैक के और उसके बाद चरस बरामदगी के दर्ज हुए हैं। नवंबर में पहला मुकदमा शनिवार को दर्ज किया गया है।