सुरिन कंपनी हादसे में मृत श्रमिक रमेश चंद्र के परिजनों ने कोतवाल डीआर आर्य से हादसे के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम नहीं करवाया।
इस पर कोतवाल ने दिल्ली पुलिस से फोन पर बात कर घटना की जानकारी दी। तभी दिल्ली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंपा।
सुरिन कंपनी में आठ जुलाई को बेकिंग ओवन फट गया था। जिससे झुलसे माधोपुर थाना अमरिया जिला पीलीभीत (यूपी) निवासी रमेश चंद्र (40) पुत्र नारायन लाल को दिल्ली रेफर किया गया था।
वहां मैक्स अस्पताल के डाक्टर ने रमेश को मृत घोषित किया। मृतक के भाई जसवंत सिंह आदि परिजन शुक्रवार को भाजयुमो जिलाध्यक्ष आदेश ठाकुर के साथ प्रभारी निरीक्षक डीआर आर्य से मिले।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के मधुविहार थाना पुलिस को रमेश की मौत की जानकारी दी गई। लेकिन, पुलिस ने कुछ नहीं किया। इस पर प्रभारी निरीक्षक आर्य ने दिल्ली पुलिस से फोन पर बात कर घटना की जानकारी दी।
तब जाकर पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम कराया। मधु विहार थाने के एएसआई नासिर अब्बास ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव छोटे भाई माया प्रकाश के सुपुर्द कर दिया है।
परिजनों ने प्रभारी निरीक्षक आर्य से फैक्ट्री अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। वहां अमर नाथ, जसवंत सिंह, अकील अहमद, नरेंद्र शर्मा, अजय, मदन लाल आदि थे।