दंगा और बलवे से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल किया। जवानों को दंगे के दौरान की जाने वाली कार्रवाई के टिप्स दिए गए।
पुलिस लाइन में एसएसपी डा. सदानंद दाते की उपस्थिति में मॉक ड्रिल के दौरान मेरठ की 108-आरएएफ बटालियन ने दंगे की अलग-अलग स्थितियों से निपटने का डेमो दिया।
उन्होंने खुले मैदान, संकरी गलियों में भीड़ को तितर-बितर कर दंगा नियंत्रण करने इसके अतिरिक्त अधिक संख्या में भीड़ के उग्र होने की दशा में भीड़ को दो भागों में विभाजित करने, कम से कम पुलिस बल का प्रयोग कर दंगा नियंत्रण करने तथा आपात स्थिति में लाठचार्ज व आंसू गैस के प्रयोग करने का प्रदर्शन किया। आरएएफ के डिप्टी कमांडर पुरुषोत्तम जोशी ने बताया कि दंगे के दौरान उत्तेजित होने से अक्सर माहौल खराब हो जाता है। कहीं पर दंगा होता है तो सबसे पहले स्थानीय नागरिकों को बातचीत के लिए आगे बुलाया जाये।
उसके बाद भी दंगाई बात नहीं मानते तो उन्हें सरेंडर करने की चेतावनी दी जानी चाहिए। इसके बाद भी हालात काबू नहीं होते तो सूक्ष्म बल प्रयोग किया जाना चाहिए और टीयर गैस का प्रयोग किया जाये। इस दौरान एएसपी देेवेंद्र पिंचा सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी थे।