छठ पूजा मनाने दिल्ली गए एक परिवार के घर से चोरों ने ताले तोड़कर करीब दो लाख रुपये कीमत के गहने और हजारों की नकदी पार कर ली। चोरी करने से पहले चोर लोहे की भारी अलमारी को भी घर के बाहर लाए। सूचना पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। इधर, पीड़ित परिवार भी दिल्ली से रुद्रपुर रवाना हो गया है।
मूल रूप से बिहार के राम बाबू ट्रांजिट कैंप गली नंबर तीन में अपने परिवार के साथ रहकर राज मिस्त्री का काम करता है। नौ नवंबर को रामबाबू अपने परिवार को लेकर छठ मनाने दिल्ली के मंगोलपुरी में अपने रिश्तेदारों के घर चला गया। जाने से पहले रामबाबू घर की देखरेख के लिए पड़ोसी अरुण को घर की चाबी दे गए।
बुधवार रात अरुण रामबाबू के घर के बाहर आंगन में सोया था। इसी दौरान चोर रामबाबू के घर के पीछे बने गेट से घर में घुसे और पूरा घर खंगालने के बाद घर में रखी अलमारी को घर के पीछे बने खेत में ले आए यहां चोरों ने अलमारी को तोड़ा और उसमें रखे करीब दो लाख रुपये के जेवर और दस हजार की नकदी पार कर फरार हो गए।
बृहस्पतिवार सुबह जब पड़ोसियों ने घर के पीछे टूटी पड़ी अलमारी देखी तो चोरी का पता चला। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका मुआयना किया। इधर, पुलिस की सूचना पर रामबाबू और उसका परिवार भी दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गया है। ट्रांजिट कैंप थाना प्रभारी जीबी जोशी का कहना है कि पूरे फिलहाल पुलिस को मामले की तहरीर नहीं मिली है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अरुण की भूमिका संदिग्ध
मामले की जांच के बाद पुलिस को रामबाबू के पड़ोसी अरुण की भूमिका संदिग्ध लग रही है। अरुण सिडकुल की एक कंपनी में नौकरी करता है। दिल्ली जाने से पहले उन्होंने अरुण से काम पर ना जाने और घर पर ही सोने को कहा था और इसके एवज में उसे रुपये देने की बात भी कही थी। इस दौरान चोर घर के अंदर घुसे और लोहे की भारी अलमारी को घर के बाहर ले जाकर तोड़ा लेकिन अरुण को इसकी भनक तक नहीं लगी। अलमारी तोड़ने के दौरान होने वाली आवाज से भी वह अनजान बना रहा।