चोरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं रह गया है। पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर चोरों ने जिला अस्पताल के एक डॉक्टर के घर दिनदहाड़े धावा बोलकर नगदी जेवर समेत लाखों रुपये का माल उड़ा लिया। सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली।
घटना रंपुरा पुलिस चौकी क्षेत्र की है। चौकी से महज सौ मीटर से भी कम दूरी पर पुराना जिला अस्पताल परिसर में चिकित्सा कर्मियों की आवासीय कालोनी है।
यहां जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. प्रवीन श्रीवास्तव का आवास भी है। डा. श्रीवास्तव की पत्नी और बच्चे इन दिनों गोरखपुर गए हुए हैं। डा. प्रवीन बृहस्पतिवार को प्रात: आठ बजे घर में ताला लगाकर ड्यूटी के लिए निकल गये। दो बजे ड्यूटी समाप्त कर वापस घर लौटे तो घर के ताले टूटे हुए थे और सारा सामान अस्त व्यस्त था।
घर में घुसे चोरों ने घर का ताला तोड़ने के बाद अंदर रखी अल्मारियां भी तोड़ डालीं और घर में रखे 8 तोला सोने के जेवर, 35 हजार की नगदी उड़ा ली। दिनदहाड़े चोरी की वारदात पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। डाक्टर ने मामले की तहरीर पुलिस को दे दी है।
लीची खाई और कोल्डड्रिंक पी
डाक्टर के घर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देने वाले चोर इतने बेखौफ थे कि उन्होंने घर में तसल्ली से नगदी और जेवरात समेटे और आराम से बैठकर फ्रिज में रखी लीची खाई और कोल्ड ड्रिंक भी पी। घर में हो रही उमस को देखते हुए चोरों ने पंखा भी चलाया, जिसे वह खुला छोड़ गए।
लैपटॉप और मोबाइल छोड़ गये चोर
शातिर चोरों ने डॉक्टर के घर की टेबल पर रखे लैपटॉप और एक महंगे मोबाइल को हाथ नहीं लगाया। इसकी वजह शायद यही थी कि चोरों को मोबाइल और लैपटॉप से लोकेशन ट्रेस होने का खतरा था।
लंबे समय से है कालोनी में चोरों का आतंक
चिकित्सा कर्मियों की आवासीय कालोनी में चोरी की वारदात पहली बार नहीं हुई है। कालोनी के लोगों ने बताया कि एक वर्ष में चोरी की नौ-दस वारदातें हो चुकी हैं। पिछले पांच वर्षों में यहां चोरी की वारदातों का आंकड़ा 30 से पार हो चुका है। इनमें से एक भी चोरी का पुलिस ने खुलासा नहीं किया है।
हाल ही के दिनों में चोरों ने महेंद्र बिष्ट, उषा पांडेय, योगेन्द्र द्विवेदी, निशांत त्यागी, कुलवंत सिंह, जयप्रकाश, मनोज सेमवाल, दीपक, जितेन्द्र ब्रजवाल आदि के घरों को निशाना बनाया है। कालोनी के लोग बताते हैं कि कालोनी से गैस सिलेंडर, मोटर, बैट्रियां, नलों की टोटियां और अन्य घरेलू सामान चोरी होना तो आम बात है।
छोटी-मोटी चोरियों की तो अब कालोनीवासी पुलिस से शिकायत भी नहीं करते। यह हाल तब है जबकि इस कालोनी से महज सौ मीटर की दूरी पर रंपुरा पुलिस चौकी है। जहां चौबीस घंटे पुलिस रहती है। ऐसे में कानून के हाथ इन चोरों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहे, यह सवाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। बताते हैं कि पुराने जिला अस्पताल परिसर में अक्सर नशेड़ी किस्म के लोगों की आवाजाही रहती है।