डिग्री कॉलेज में छात्र संघ चुनाव को लेकर दो प्रत्याशियों के समर्थकों के हुए टकराव की आंच केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य तक जा पहुंची है। एक दावेदार के समर्थकों ने पुलिस पर छात्रों पर झूठे मुकदमें दर्ज करने का दबाव डालने का आरोप लगाते हुए मंत्री आर्य का पुतला फूंकने की कोशिश की। छात्रों और पुलिस कर्मियों के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस ने पुतला छीनकर मंसूबों पर पानी फेरते हुए उन्हें खदेड़ दिया।
बीते मंगलवार को अध्यक्ष पद के दावेदार साहिल कपूर के समर्थक प्रगट सिंह ने दूसरे दावेदार और समर्थकों पर कॉलेज में उसे पीटने और धमकाने का आरोप लगाया था। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर छात्रों ने आईटीआई थाने में जमकर हंगामा भी काटा था। दूसरे दावेदार के समर्थक विकास कुमार ने भी विपक्षी दावेदार और समर्थकों के खिलाफ मारपीट और धमकाने की तहरीर दे दी थी। बुधवार को साहिल समर्थक कुंडेश्वरी चौक में एकत्र हुए।
उन्होंने केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पर प्रगट और अन्य छात्रों पर मुकदमा दर्ज कराने का पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। जैसे ही उन्होंने मंत्री आर्य का पुतला जलाने के लिए हाथ में पकड़ा ही था कि पहले से मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने उसे छीनकर कब्जे में ले लिया। पुतला फूंकने को लेकर छात्रों की चौकी इंचार्ज धीरेंद्र कुमार, एसआई जसविंदर सिंह और अन्य पुलिस कर्मियों से तकरार भी हुई। पुलिस कर्मियों ने एकत्र छात्रों को वहां से खदेड़ दिया।
छात्रों ने कहा कि वे दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर दबाव में निर्दोष छात्रों पर मुकदमें दर्ज हुए तो सड़कों में उतरकर जवाब दिया जाएगा। इस मौके पर लवजोत सिंह, अमृत सिंह, गुरवचन सिंह बाजवा, अवतार सिंह, महताब सिंह, गुरताज सिंह, आजाद सिंह सहित अनेक मौजूद रहे।