ऊधमसिंह नगर जिले के खाद्यान्न घोटाले में बाजपुर के विपणन विभाग की जांच के लिए जिलाधिकारी के स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इसमें एडीएम नजूल, एसडीएम काशीपुर, ओसी कलक्ट्रेट और एसपी सिटी रुद्रपुर को शामिल किया गया है।
पिछले माह यह सामने आया था कि बाजपुर मंडी समिति स्थित विपणन विभाग के आफिस से कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई जिलों को सप्लाई होने वाले खाद्यान्न में भारी घोटाला है। विपणन विभाग से राशन की आपूर्ति का चालान तो यहां से काटकर संबंधित क्षेत्रों के दफ्तरों को भेज दिया जाता था, लेकिन राशन की सप्लाई नहीं भेजी जा रही थी। यह राशन कालाबाजारी करने वालों के गोदामों में खपा दिया जा रहा था। इस मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की भूमिका भी संदिग्ध पाई जा रही है।
मई और जून में ऊधमसिंह नगर जिले में राशन की आपूर्ति ठप हो गई थी। इसकी गंभीरता को देखते हुए डीएम ऊधमसिंह नगर ने इसकी पड़ताल शुरू की तो मामले के तार सीधे तौर पर बाजपुर के विपणन विभाग से जुड़े पाए गए। जिलाधिकारी ने 15 जुलाई को एडीएम नजूल को बाजपुर के विपणन विभाग आफिस में जाकर छापा मारने के आदेश दिए थे। एडीएम नजूल ने मौके पर पहुंच कर वहां से खाद्यान्न सप्लाई सहित कई महत्वपूर्ण अभिलेखों को कब्जे में ले लिया था।
बाजपुर स्थित विपणन विभाग आफिस में खाद्यान्न की सप्लाई में भारी गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इसके बाद पहले जिला प्रशासन ने अपने स्तर से इसकी पड़ताल की। मामला जब ज्यादा बड़े घोटाले का पाए जाने की आशंका लगी तो इसमें तत्काल 15 जुलाई को एडीएम नजूल ऊधमसिंह नगर को मौके पर भेजकर छापे की कार्रवाई कराई गई। अब मामले में चार प्रशासनिक अफसरों की टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। जो अधिकारी लिप्त पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. नीरज खैरवाल, डीएम ऊधमसिंह नगर