सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आई वृद्धा से एक व्यक्ति ने सरकारी डाक्टर बनकर नशे की गोलियां खिला दीं। फिर उसके सोने के तीन कुंडल, चांदी का एक पेंडिल और एक हजार रुपए पार कर दिए। बाद में वृद्धा को बेहोशी की हालत में वार्ड में खाली पड़े बिस्तर पर लिटाकर फरार हो गया। वृद्धा ने अपने पुत्रों के साथ कोतवाली पहुंचकर घटना की तहरीर दी।
ग्राम ध्याननगर निवासी मानवती पत्नी गोकुल सिंह के सीने में दर्द था। दो फरवरी को वह चिकित्सा अधीक्षक डा. संजय सिंह से इलाज कराने आई थी। वह उनके कक्ष के बाहर खड़ी थी। तभी एक व्यक्ति उसके पास आया और आने का कारण पूछा। उसने उसे एक्स-रे कराने की सलाह दी और कहा इसके बाद डाक्टर साहब को दिखाना। एक्स-रे वह नि:शुल्क कराएगा, जिस पर वृद्धा तैयार हो गई। कथित डाक्टर ने वृद्धा को चार-पांच छोटी-छोटी गोलियां खिलाकर कहा कि अब एक्स-रे होगा। कानों के कुंडल, पेंडिल उतारकर उसे दे दे। वृद्धा ने कानों के कुंडल, पेंडिल उतारकर उसे दे दिए। बैंच पर बैठे-बैठे कुछ समय बाद वह बेहोश हो गई। वह व्यक्ति उसे गोद में उठाकर वार्ड में ले गया और बेड पर लिटा दिया। आसपास के मरीजों से कहा कि वह उसकी मां है। डाक्टर को बुलाने जा रहा है। तीन घंटे तक बेहोश पड़े रहने और उसके पास कोई नहीं होने पर स्टाफ नर्स के हाथ-पैर फूल गए। उन्होंने डाक्टर को सूचना दी।
डाक्टर ने पुलिस को फोन किया। हालत बिगड़ने पर डाक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। देर शाम वृद्धा के पुत्र खुशीराम, जयपाल, राजपाल भी सरकारी अस्पताल पहुंच गए। तीन दिन सरकारी अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसके स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। एसएसआई एससी जोशी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।