होटल सितार इंटरनेशनल की फर्जी वसीयत करने के मामले में नामजद प्रभारी तहसीलदार और पटवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद दोनों अधिकारी और कर्मचारी भूमिगत हो गए हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कहा कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार किया जाएगा।
बरेली निवासी रोहित कक्कड़ ने नगर के एक व्यापारी और उनकी पत्नी पर पिता की जमीन की फर्जी वसीयत कराने का आरोप लगाया था। आरोप था कि व्यापारी ने वर्ष 2013 में फर्जी वसीयतनामा करा लिया और राजस्व एवं रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारियों की साठगांठ से वर्ष 2017 में वसीयत रजिस्टर्ड कराई। कोतवाली पुलिस ने मामले में प्रभारी तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल और पटवारी राम अवतार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। वहीं, मामला डीएम के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने एडीएम नजूल जगदीश चंद्र कांडपाल को जांच के आदेश दिए। एडीएम कांडपाल ने पांच जून को तहसील पहुंच एसडीएम के दफ्तर में बंद कमरे में पांच घंटे आरोपी प्रभारी तहसीलदार और पटवारी से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए थे। जांच में प्रभारी तहसीलदार ग्वाल व पटवारी के दोषी मिलने पर डीएम ने पटवारी को निलंबित कर दिया था और प्रभारी तहसीलदार के खिलाफ निलंबन की संस्तुति कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी प्रभारी तहसीलदार व पटवारी के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराया गया है। पटवारी राम अवतार मूलरूप से बाजपुर का रहने वाला है और यहां नगर की बिजली कॉलोनी में रहता था। अब वह परिवार समेत गायब है। इसके अलावा धारचूला, पिथौरागढ़ निवासी प्रभारी तहसीलदार ग्वाल भी भूमिगत हो गए हैं। दोनों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।