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प्री प्लांड था सूरज हत्याकांड

Thu, 14 Jul 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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व्यापारी सूरज चंद हत्याकांड के अब तक अनछुए पहलुओं का खुलासा करते हुए सीओ आरएस टोलिया ने बताया कि सूरज हत्याकांड प्री प्लांड था। जिसकी प्लानिंग तीस जून से ही शुरु हो गयी थी। दौ दौर की मीटिंग के बाद बना था हत्याकांड को अंजाम देने का प्लान जिसके लिए मास्टर माइंड की बहन के घर सूरज चंद को लेकर जाने से पहले ही कर ली गयी थी सारी तैयारियां पूरी। 
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कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता में सीओ टोलिया व कोतवाल बीएल विश्वकर्मा ने बताया कि तीन जुलाई को सूरज की हत्या से पहले मास्टर माइंड ललित ज्याला ने अपने खास गुर्गे ईश्वरी सिंह, पप्पू राणा, सरेश राणा के साथ तीस जुलाई को मीटिंग कर हत्या की प्लानिंग की। जिसमे तय हुआ कि सूरज के नाम से स्टांप खरीदे जाएंगे और उसमें उसके हस्ताक्षर अंगूठे लगवाकर उसके पास जो प्रापर्टी है उसे ज्याला के नाम लिखा जाएगा। 

उसके बाद सूरज की हत्याकर शव को सुरेश राणा के घर बने शौचालय के टैंक में दफन कर दिया जाएगा। दो जुलाई को भी सूरज की हत्या की प्लानिंग चारों लोगों ने की। इस पूरी प्लानिंग के दौरान ज्याला गैंग के और लोग शामिल थे या नहीं इसकी जांच पुलिस अभी कर रही है।
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दो जुलाई केे फुलप्रुफ तैयारी के बाद तीन जुलाई को जब सूरज चंद ज्याला के कंजाबाग रोड स्थित कार्यालय में आया तो ज्याला उसे अपनी कार में बैठाकर प्लानिंग के मुताबिक कार से देवरी निवासी अपनी बहन माया के घर लेकर गया जहां पहले से ही ईश्वरी, पप्पू, सुरेेेश, जीवन मौजूद थे। 

जैसे ही सूरज घर के अंदर दाखिल हुआ सूरज को चादर डालकर पांचों ने बंधक बना लिया। उसके मुह में कपड़ा बांधकर डाल कमरे में बंद कर दिया। इस बीच ज्याला, ईश्वरी, पप्पू, सुरेश ने अपनी बहन और भांजे से कहा कि वह इसपर नजर रखे अगर यह बाहर निकल गया तो यह हम सबको मार देगा। यहां से अलग अलग निकलने के बाद सबसे पहले पप्पू ने सूरज की स्कूटी इस्लाम नगर में खड़ी की। 

ज्याला और हरेंद्र ने सूरज चंद के नाम पर बैक डेट में स्टांप खरीदे। चारों लोगों ने साम को चार बजे सूरज से उसके साले को फोन कराया और आठ बजे उसकी पत्नी को। अब जब सूरज को मारने का समय आया तो ज्याला की बहन माया ने घर के बाहर ले जाकर वारदात करने को कहा। 

हत्यारोपियों ने रात को दस बजे सूरज को घसीट कर घर से बाहर निकाला और कार में सुुरेश के घर लेकर जाते समय चारों लोगों ने मिलकर सूरज की गला दबाकर हत्या करा दी। प्लानिंग के मुताबिक शव को सुरेश के घर के आंगन में बने शौचालय टैंक के अंदर डाल दिया गया। 

ईश्वरी ने कहा था शारदा में बहा देते हैं लाश, नहीं माना ज्याला
खटीमा। सूरज चंद हत्याकांड के सह अभियुक्त ईश्वरी सिंह ने मास्टर माइंड ललित ज्याला को कहा था कि सूरज का शव शारदा नहर में बहा देते हैं। लेकिन ललित ज्याला नहीं माना उसका कहना था कि लाश का पता ही नहीं चलेगा और केस कभी नहीं खुल पाएगा। यहीं पर मास्टर माइंड ज्याला मात खा गया। ज्याला की निशानदेही पर बरामद लाश ही सबसे बड़ा साक्ष्य आज पुलिस के पास है। जो ज्याला को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए पर्याप्त है।

हरेंद्र को नहीं पता था शौचालय के टैंक में छिपायी सूरज की लाश
खटीमा। व्यापारी सूरज चंद की हत्या के समय केवल चार लोग थे जिसमें मास्टर माइंड ललित ज्याला, ईश्वरी सिंह, पप्पू राणा, सुरेश राणा। सूरज चंद केे बंधक बनाते समय, स्टांप खरीदते समय साथ रहे हरेंद्र को भी ज्याला ने नहीं बताया कि उन्होंने सूरज के शव को सुरेश के घर के बाहर बने शौचालय के टैंक में बंद किया हुआ है। उन्होंने हरेंद्र को बताया कि उन्होंने शव को सूखीढांग के जंगलों में पहाड़ी से नीचे लुड़का दिया है।

चंद के पहुंचने से ही पहले ही खरीदी गयी थी रस्सी और नमक की थैली
खटीमा। व्यापारी सूरज चंद की हत्या रात को दस बजे की गयी उससे पहले ही सह अभियुक्त ने रस्सी, नमक की थैलियां दिन में ही खरीद कर रख ली थी। नमक का इस्तेमाल शव को शौचालय के  टैंक में शव को जल्दी गलाने के लिए किया गया था।
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