राज्य आंदोलनकारी का दर्जा पाने के लिए जनपद भर से आए आवेदनों की बृहस्पतिवार को प्रभारी डीएम ने सुनवाई की। जांच के बाद चार आवेदन मंजूर करते हुए आवेदकों को राज्य आंदोलनकारी घोषित किया गया।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उत्तराखंड आंदोलनकारी रिटों से संबंधित आवेदनों व उत्तराखंड आंदोलनकारी के लिए तहसीलवार प्राप्त आवेदनों का निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी व समिति के सदस्यों ने जनपद से राज्य आंदोलनकारी घोषित किये जाने के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच की गई। आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद जनपद के कुल 4 व्यक्तियों को राज्य आंदोलनकारी माना गया। जिनमें से किच्छा क्षेत्र के 2 और जसपुर क्षेत्र के 2 लोग शामिल हैं। शेष आवेदनों के निस्तारण के लिए एलआईयू व एसडीएम की संयुक्त रिपोर्ट मांगी गई है।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गोपाल दत्त पांडे ने बताया कि उत्तराखंड आंदोलनकारी के लिए कुल 944 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें से तहसील खटीमा से 260, सितारगंज से 26, किच्छा से 236, रुद्रपुर से 136, बाजपुर से 61, गदरपुर से 55, काशीपुर से 68 एवं जसपुर से 102 आवेदन शामिल हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी रवनीत चीमा, एसडीएम एपी वाजपेयी, पूरन सिंह राणा, डीपी सिंहए एचएस मर्तोंलिया, ऋचा सिंह व अनिल शुक्ला आदि भी मौजूद थे।
फर्जी कागजात लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
राज्य आंदोलनकारी का दर्जा पाने के लिए फर्जी कागजात लगाकर आवेदन करने वालों पर अब प्रशासन का शिकंजा कसने जा रहा है। गुरुवार को आयोजित बैठक में प्रभारी डीएम ने कहा कि राज्य आंदोलनकारी बनने के लिए जिन लोगों ने फर्जी दस्तावेज अथवा प्रमाण प्रस्तुत किए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2014 के बाद प्राप्त हुए आवेदनों पर विचार न किया जाए।