स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की बेटी के जमीन को धोखाधड़ी से हड़पने के मामले में वांछित सपा विधायक ने मंगलवार को दो अन्य आरोपियों के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए सपा नेता सहित उसके साथियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
आजाद हिंद फौज में शामिल राम अवध सिंह को तत्कालीन यूपी सरकार ने रुद्रपुर पास बागवाला में उन्हें 32 एकड़ भूमि का आवंटन किया। रामअवध सिंह की मृत्यु के बाद उनकी बेटी प्रभावती के नाम पर उनकी संपत्ति दर्ज हो गई। आरोप है कि देवरिया जिले की बरहज से सपा विधायक ठाकुर प्रेमप्रकाश सिंह ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी वसीयत से उक्त भूमि को अपने नाम करा लिया।
प्रभावती को जानकारी होने के बाद उनके द्वारा पुलिस में शिकायत की गई। डीआईजी के आदेश पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच में प्रेमप्रकाश सिंह के साथ ही उनकी ब्लाक प्रमुख पत्नी मंजूलता, पुत्र शिववर्धन सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व स्वतंत्र बहादुर सिंह और उसकी पत्नी गीता सिंह के साथ ही पुत्रवधू शिखा सिंह को दोषी पाया गया।
मामला कोर्ट में दाखिल होने के बाद मुख्य न्यायिक दंड अधिकारी ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश जारी किए, जिसके बाद छह लोगों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, लेकिन सपा विधायक सहित दो अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। कोर्ट द्वारा सपा नेता के घर की कुर्की का आदेश जारी करने के बाद मंगलवार को विधायक ठाकुर प्रेम प्रकाश के साथ ही प्रेम नारायण सिंह और नवनाथ सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इधर मामले को लेकर सपा नेता का कहना है उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। मुझको ऐसा करना होता मैं पूरी जमीन हड़प लेता जबकि जमीन में कई और लोगों की भी हिस्सेदारी है। प्रेमप्रकाश के अनुसार उन्होंने उक्त जमीन का पैसा देकर बैनामा करवाया है।