एनएच भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने तत्कालीन जसपुर एसडीएम और बाजपुर के नायब तहसीलदार से पूछताछ की। दोनों अधिकारियों से पिछली तारीख में हुई जमीनों की कुछ 143 के मामलों के बारे में जवाब मांगे गए। रुद्रपुर के कुछ मामलों के बाद एसआईटी का फोकस किच्छा तहसील पर होगा। माना जा रहा है कि किच्छा तहसील की जांच और कुछ काश्तकारों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी बहुत जल्द मामले की जांच खत्म भी कर सकती है।
भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी अब तक जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर तहसीलों की जांच के बाद चार निलंबित पीसीएस अफसरों सहित 18 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। आठ फरार काश्तकारों का गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) ले चुकी एसआईटी एक भी काश्तकार को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इधर, आरोपी बनाए गए कुछ काश्तकारों ने ज्यादा हासिल की गई रकम को वापस करने की पेशकश भी की है।
कई और काश्तकार भी जेल जाने के डर से ज्यादा लिए गए मुआवजे को वापस लौटाने के लिए डीएम को पत्र भी भेज चुके हैं। इधर, गदरपुर तहसील के बाद एसआईटी रुद्रपुर तसील के कुछ मामलों के बाद किच्छा तहसील के मामलों की जांच करेगी। एसआईटी ने जांच में भी तेजी लानी शुरू कर दी है।
इधर, सोमवार को एसआईटी ने तत्कालीन जसपुर एसडीएम और वर्तमान में घनशाली टिहरी के एसडीएम फिंचाराम चौहान और तत्कालीन बाजपुर के नायब तहसीलदार, वर्तमान में बेड़ीनाग के तहसीलदार रघुवीर सिंह से पूछताछ की। माना जा रहा है कि रुद्रपुर तहसील के कुछ मामलों की जांच तेजी से करने के बाद किच्छा तहसील की जांच की जाएगी। केवल काश्तकारों की गिरफ्तारी ही बची हुई है। फिलहाल अब किसी अफसर की गिरफ्तार के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।