डीपी सिंह को एसएसपी कार्यालय में लाती पुलिस।
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भूमि मुुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह से एसआईटी ने तीन घंटे की गहन पूछताछ की। इसमें गलत तरीके से बांटे गए मुआवजे की रकम से मिले कमीशन और थ्री डी से थ्री जी के मामलों के सवाल पूछे गए। डीपी ने कुछ जानकारियां तो दीं, लेकिन कईं सवालों पर वह चुप्पी साधे रहा। मंगलवार को कस्टडी रिमांड खत्म होने के बाद डीपी का मेडिकल कराकर जेल में दाखिल किया जाएगा।
रविवार की अपरान्ह ढाई बजे सिडकुल चौकी इंचार्ज केजी मठपाल सरकारी वाहन में हल्द्वानी अस्पताल से पूर्व एसएलओ डीपी सिंह को पूछताछ के लिए एसएसपी दफ्तर लाए। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय और सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार ने डीपी कई सवाल किए। कई मामलों में गलत तरीके से बांटे गए मुआवजे और इसकी एवज में मिली कमीशन की रकम के बारे में जानकारी ली गई।
कमीशन की रकम के बारे में डीपी ने बहुत कुछ नहीं बताया, लेकिन जमीनों की प्रकृति थ्री डी से थ्री जी में बदलने को लेकर कुछ अहम जानकारियां दी हैं। बताया जा रहा है कि तीन घंटे तक चली गहन पूछताछ में कईं बार डीपी सॉरी भी कहता रहा। यह भी कहा कि उसने जांच को लेकर किसी तरह की बात नहीं की। रात के समय भी एसआईटी डीपी से पूूछताछ करेगी। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि डीपी को सिडकुल चौकी की हवालात में रखा गया है। सोमवार तक उसकी कस्टडी रिमांड है। इसकेे बाद उसका मेडिकल कराकर जेल में दाखिल कर दिया जाएगा।
तनाव में नजर आया डीपी
एसआईटी के समक्ष आत्मसमर्पण करने वाले पूूर्व एसएलओ डीपी के हावभाव रविवार को बदले नजर आए। वह दबाव में दिखाई पड़ा और चेहरे पर तनाव झलक रहा था। आत्मसमर्पण करने के समय दिखा आत्मविश्वास अब गायब था।
10 काश्तकारों और दो बिल्डरों से हुई पूछताछ
एसआईटी ने गलत तरीके से मुआवजा हासिल करने वाले काश्तकारों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। काश्तकारों में एक जसपुर, पांच बाजपुर और चार काश्तकार काशीपुर के हैं। काश्तकारों से पूछा गया कि उन्होंने किस तरह जमीनों की बैक डेट में 143 किन अधिकारियों से करवाई और उसकी एवज में कितना कमीशन दिया। हालांकि किसी भी काश्तकार ने कमीशन देने की बात नहीं स्वीकारी। एसआईटी ने दो बिल्डरों से भी रुपये के ट्रांजेक्शन को लेकर पूछताछ की। बिल्डरों पर जेल गए स्टांप वेंडर जीशान को मिले कमीशन के रुपयों को जमीनों में लगाने का संदेह एसआईटी को है।