तराई बीज विकास निगम में गेहूं के बीज की बिक्री के नाम पर हुए 16 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में एसआईटी को टीडीसी मुख्यालय से प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिल गई है। अपर प्रमुख सचिव की जांच के बाद तैयार हुई रिपोर्ट के आधार पर 10 अधिकारी, कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसआईटी जल्द बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
वर्ष 2015-16 में पंतनगर टीडीसी से गेहूं का बीज बेचने में 16 करोड़ का घोटाला उजागर होने के बाद अपर प्रमुख सचिव की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद शासन के आदेश पर टीडीसी के 10 कर्मचारियों पर पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। अगस्त में घोटाले की जांच के लिए एसपी सिटी देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। जांच के लिए एसआईटी अब तक टीडीसी के डायरेक्टरों और कर्मचारियों सहित 20 से अधिक लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है। घोटाले की अंतिम जांच के लिए एसआईटी को अपर प्रमुख सचिव की ओर से तैयार की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का इंतजार था। बीते बुधवार को देहरादून से एसपी सिटी देवेंद्र पींचा को इस जांच रिपोर्ट के साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल हो गए हैं। सप्ताह भर के भीतर एसआईटी के बिहार और यूपी रवाना होने की संभावना भी है। इन्हीं क्षेत्रों के वितरकों को टीडीसी द्वारा बीज पहुंचा कर घोटाले को अंजाम दिया गया है।
जांच में यह तथ्य सामने आए थे
जांच में उजागर हुआ है कि कर्मचारियों ने दो कट्टे गेहूं के बीज पर एक कट्टा बीज निशुल्क देने की स्कीम उत्तराखंड, यूपी और बिहार के किसानों के लिए निकाली थी। लेकिन, तब तक गेहूं बीज बुआई का समय निकल चुका था। इसके चलते किसानों ने बीज नहीं खरीदा और करोड़ों का बीज बिहार, यूपी के वितरकों के गोदामों तक पहुंचा कर करोड़ों की रकम डकार ली गई।
कोट
टीडीसी पंतनगर में हुए बीज घोटाले की जांच के लिए एसआईटी लगातार छानबीन कर रही है। अभी एसआईटी को मुख्यालय से अपर प्रमुख सचिव की ओर से तैयार की गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी मिल गई है। जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र पींचा, एसपी सिटी।