एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने किच्छा तहसील की जांच के लिए मंगलवार को किच्छा तहसील के बरा-बरी गांव का मुआयना किया। तहसील कर्मियों के साथ उक्त गांव की जमीनों का दौरा करने के बाद एसआईटी के सामने करीब 10 ऐसे संदिग्ध मामले आए हैं, जिनमें तत्कालीन अफसरों की ओर से सरकारी भूमि पर मुआवजा दिया गया। साथ ही कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें पात्र काश्तकारों को उनकी भूमि के बदले मुआवजा दिया ही नहीं गया।
मंगलवार को किच्छा तहसील के कर्मचारियों के साथ गांव में पहुंची एसआईटी ने जहां मुआवजे के संबंध में आर्बिटेशन में गए मामलों की जांच पड़ताल की, वहीं कुछ संदिग्ध खसरों और सरकारी संपत्ति को भी जांचा, जिन पर मुआवजा निर्धारण किया गया था। कुछ ऐसे काश्तकारों के मामले भी एसआईटी के सामने आए हैं, जिनकी भूमि का एनएच निर्माण के लिए अधिग्रहण किया गया, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं मिला। अब एसआईटी इसकेी जांच रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है।
इसके अलावा गदरपुर तहसील के चार काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। गदरपुर के साथ ही किच्छा तहसील के कुछ दस्तावेज भी एसआईटी द्वारा एसएलओ कार्यालय से जुटाए गए हैं। इधर, भूमिगत चल रही प्रिया शर्मा और सुधीर चावला की धरपकड़ के लिए भी एसआईटी की दबिश लगातार जारी है।