बहन को उसके ससुराल छोड़ने जा रहे भाई की अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी। घटना की सूचना पर एसएसपी सेथिल अबुदई, सीओ हरीश मेहरा समेत तमाम पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उधर, चश्मदीद बहन के अनुसार भाई की हत्या गोली मारकर की गई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से मौत हो गई।
बरा निवासी इन्द्रजीत गंगवार (42) पुत्र खूबकरन गंगवार की बहन मनोज कुमारी की पड़ोस के नदेली गांव में शादी हुई है। बुधवार को करवाचौथ पर मनोज कुमारी अपनी भाभी को त्यौहार का सामान देने आई थी। इन्द्रजीत ने अपनी बहन को खाना खाने के बाद जाने की बात कहकर रोक लिया था। रात लगभग दस बजे इन्द्रजीत बहन मनोज को उसके गांव नदेली तक छोड़ने के लिए अपनी बाइक से निकला। नदेली बरा से मात्र ढाई किमी दूरी पर है।
मनोज कुमारी के अनुसार बरा बाजार से कुछ आगे अचानक गन्ने के खेत से मुंह ढांके चार बदमाश निकले। उन्होंने लाठी मारकर इन्द्रजीत को चलती बाइक से गिरा दिया और गोली मार कर फरार हो गए। भाई को गोली लगने से घबराई बहन ने शोर मचाया तो लोग इकट्ठे हुए और घायल इन्द्रजीत को सरकारी अस्पताल बरा ले गए। वहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। सूचना पर रात में ही एसएसपी अबुदई सेंथिल, एएसपी पंकज भट्ट, सीओ हरीश मेहरा समेत तमाम पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया।
पुलभट्टा थानाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी ने बताया कि मृतक के भाई गिरधारी की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर, इन्द्रजीत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी हत्या गोली से नहीं होकर किसी धारदार हथियार से हुई है। इस रिपोर्ट से पुलिस जांच उलझ गई है। देर शाम सीओ हरीश मेहरा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गन शाट न होकर कोई धारदार हथियार होना है जबकि मृतक के साथ जा रही उसकी बहन गोली लगने की बात कह रही है। सीओ मेहरा ने बताया कि बहन से पूछताछ की जा रही है।
हत्या के बाद गांव में दहशत
करवाचौथ वाली रात बरा के नदेली रोड पर हत्या की वारदात से गांव में दहशत है। सूचना पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार, उनके पुत्र सुरेश गंगवार समेत बड़ी तादाद में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
हत्या का कारण अज्ञात
इन्द्रजीत हत्याकांड को लेकर पुलिस असमंजस में हैं। क्या हत्यारे उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। अगर वे इन्द्रजीत का इंतजार कर रहे थे तो हत्यारों की क्या रंजिश थी। ग्रामीणों के अनुसार इंद्रजीत सीधा सादा खेती करने वाला किसान था। उसका आम तौर पर किसी के साथ मिलना-जुलना भी नहीं था।
कहीं ऐसा तो नहीं बदमाश लूटपाट के इरादे से आए हों और इन्द्रजीत ने उन्हें पहचान लिया हो और पकड़े जाने के चक्कर में उसे गोली मार दी। कई ऐसे सवाल हैं जिसके जवाब पुलिस खोज रही है। पुलभट्टा थानाध्यक्ष हरेंद्र चौधरी ने बताया कि सारे मामले की जांच चल रही है। बताया कि फिलहाल घटनास्थल की एकमात्र चश्मदीद गवाह मृतक की बहन मनोज कुमारी से पूछताछ की जा रही है।