फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा गार्ड की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंका 

Sun, 19 Jun 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
विज्ञापन
मर्डर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
देवभूमि फ्यूजन फूड प्लांट के सुरक्षा गार्ड की अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर शव को छह किलोमीटर दूूर झाड़ियों में फेंक दिया। हत्यारों ने शव को छिपाने की नीयत से गद्दे में लपेट दिया था। घटनास्थल के पास ही फैक्ट्री की वैन भी लावारिस हालत में बरामद हो गई। माना जा रहा है कि इसी वैन में हत्यारे शव को डालकर घटनास्थल पर फेंक गए थे। गार्ड की हत्या की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। 
विज्ञापन


एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले, एएसपी कमलेश उपाध्याय, सीओ जीसी टम्टा, एसओ कुंडा नासिर हुसैन ने घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस आधा दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कुछ अहम सुराग हाथ लगे। माना जा रहा है कि रविवार को पुलिस खुलासा कर सकती है। 

शनिवार सुबह ग्राम किलावली के ग्रामीणों ने गांव से कुछ दूर नवलपुर मार्ग पर सड़क किनारे झाड़ियों में गद्दे, चादर में लपेटकर बंधा हुआ शव देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने चादर खोली तो खून से सना हुआ शव पड़ा था। हत्यारों ने मृतक का सिर, मुंह को बुरी तरह से कुचला था और आंख बाहर निकली थी। मृतक के जेब से रामपाल लिखा आईकार्ड और शराब का पाउच बरामद हुआ। 
विज्ञापन


घटनास्थल के पास तीन चप्पलें और एक टार्च पड़ी थी। भरतपुर के प्रधान जीत सिंह ने पहुंचकर मृतक की पहचान ग्राम भरतपुर निवासी रामपाल सिंह (46) पुत्र मनसुख सिंह के रुप में करते हुए कहा कि मृतक देवभूमि फ्यूजन फूड प्लांट का सुरक्षा गार्ड है। इसी बीच मृतका का बेटा सुनील भी पहुुंच गया।  पुलिस को घटनास्थल से एक किलोमीटर पहले ग्राम किलावली में सड़क किनारे फैक्ट्री की कार यूके 18सी-4418 लावारिस हालत में मिली, उसका एक टायर पंचर पड़ा था। 

गार्डरुम में प्लास्टिक की कुर्सी टूटी मिलने के साथ ही अंदर खड़ी साइकिल पर खून के छींटे मिले। गार्ड रुम का फर्श तो साफ था, लेकिन बाहर नाली में जमे खून के थक्के इसी रुम में अनहोनी होने की ओर इशारा कर रहे थे। अंदेशा है कि बदमाशों ने गार्ड रुम में ही रामपाल की हत्या की और वहीं की गाड़ी में शव रखकर फेंका। गाड़ी का इस्तेमाल होने से फैक्ट्री में ही किसी का हाथ घटना में होने का शक गहरा रहा है। 

पुलिस ने छह से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, इनमें से दो वे लोग हैं, जिनसे शुक्रवार शाम मृतक का झगड़ा हुआ था। रात में ड्यूटी के दौरान रामपाल अकेला ही था। एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ में कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। बहुत जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। 

तो हत्या के बाद धोया गार्ड रुम का फर्श 
गार्ड रुम से निकली नाली में काफी खून जमा हुआ था। लेकिन फर्श धुला था। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना को गार्ड रुम में ही अंजाम देने के बाद हत्यारों ने फर्श धोया। लेकिन नाली में जमा खून ने सब कुछ साफ कर दिया। साफ है कि हत्यारे गार्ड रुम में हुई अनहोनी को छिपाना चाहते थे। इसी के चलते उन्होंने लाश को भी छह किलोमीटर दूर फेंक दिया। 


कहीं झगड़ा तो नहीं हत्या की वजह 
पुलिस की जांच में सामने आया है कि ग्राम टीला और टीला का मझरा के दो लोगों से रामपाल का झगड़ा हुआ था। यह दोनों फैक्ट्री में काम नहीं करते हैं, लेकिन मामूली झगड़े में हत्या कर देना आसानी से गले नहीं उतर रहा है। पुलिस झगड़े वाली वजह को भी जांच में दायरे में ले कर चल रही है।

टायर पंचर होने से बिगड़ा खेल 
हत्यारों ने पूरी प्लानिंग के साथ रामपाल की हत्या को अंजाम दिया था। लेकिन फैक्ट्री की कार का टायर पंचर होने से सारा खेल बिगड़ गया। शव फेंकने के बाद हत्यारे कार वापस ले जाने के लिए मोड़ रहे थे, कि वह पंचर होकर फंस गई। इसके बाद हत्यारे फरार हो गए। 

घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर नवलपुर में चाय की दुकान चलाने वाले गोपाल दास ने बताया कि शनिवार की सुबह सवा 4 बजे उसके पास बुग्गी वाले आए और बोले कि रास्ते में एक कार फंसी है, निकालने में मदद कर दो। तब रस्सी से खींचकर कार निकाली गई तो पता चला कि कार का अगला पहिया पंचर था। 

शव लपेटने को कहां से आया गद्दा
रामपाल की हत्या करने के बाद हत्यारों ने शव को एक गद्दे से लपेट कर बांध दिया था। मृतक के पुत्र सुनील ने बताया कि यह गद्दा उनके घर का नहीं है। सिक्योरिटी के अन्य कर्मचारियों ने भी गद्दा वहां का नहीं होने की बात कही। अंदेशा है कि आरोपी शव छिपाने के लिए अपने साथ गद्दा लाए होंगे। 

 होमगार्ड का भी काम कर चुका था मृतक
मृतक रामपाल यश मैनेजमेंट सिक्योरिटी का गार्ड है। सिक्योरिटी कंपनी के ब्रांच मैनेजर नारायण कुंवर ने बताया कि राम पाल दो साल से काम कर रहा था। शुक्रवार शाम कंपनी के मालिक योगेश जैन ने बताया कि रामपाल का किसी से झगड़ा हुआ था। शनिवार सुबह पता चला रामपाल की हत्या हो गई। वह होमगार्ड का भी काम कर चुका था। 

हत्या के बाद घर में मचा कोहराम
रामपाल की हत्या के बाद घर में कोहराम मचा है। वह अपने पीछे पत्नी कमलेश देवी, तीन बेटे सुनील, अनिल,  सुरेन्दर और पुत्री मंजू को रोता बिलखता छोड़ गया। सुनील को छोड़कर बाकी सभी पढ़ाई करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें