सांई केमिकल फैक्ट्री की आड़ में अवैध शराब फैक्ट्री संचालन में पकड़े गए चार आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। पुलिस फैक्ट्री के मास्टरमाइंड को दबोचने के लिए घर सहित संभावित ठिकानों पर दबिशें दी जा रही है। बता दें कि फरार आरोपी नकली शराब बनाने के मामले में ढाई साल की सजा काट चुका है।
बीते रविवार देर रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने भूरारानी में सांई केमिकल फैक्ट्री में छापा मारकर अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए 20 हजार लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल के साथ ग्राम मिनौनी मेरठ निवासी सतीश को गिरफ्तार किया था। फैक्ट्री से शराब बनाने के उपकरण, भटिंडा पंजाब से मंगाया गया अल्मोहल भरा टैंकर बरामद किया था।
मुख्य आरोपी ग्राम धमौरा थाना शाहबाद रामपुर निवासी राजू सक्सेना फरार होने में कामयाब रहा था। पुलिस ने सतीश की निशानदेही पर फैक्ट्री स्वामी यादवेंद्र शर्मा, पदम शर्मा और करनैल चावला को गिरफ्तार किया। रविवार की देर शाम चारों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। विवेचक ओमप्रकाश ने बताया कि सोमवार को मुख्य आरोपी राजू की धरपकड़ में रामपुर के धमौरा स्थित घर के अलावा कनौरा, रामपुर के अलावा सिटी वन रुद्रपुर में दबिशें दी गईं, लेकिन उसका सुराग नहीं लग पाया है। मामले में एसओजी को भी सक्रिय किया गया है।
पैरवी में खड़ी की थी अधिवक्ताओं की फौज
रुद्रपुर। अवैध शराब की फैक्ट्री संचालित करने के आरोप में पकड़े गए आरोपियों ने पैरवी के लिए कोर्ट में अधिवक्ताओं की फौज खड़ी की थी। अधिवक्ताओं ने इन लोगों की मजबूती से पैरवी भी की। लेकिन पुलिस के दमदार होमवर्क की वजह से आखिरकार कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पैरवी में ढाई दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं को देख एकबारगी पुलिसकर्मी भी सकते में आ गए।
इधर, यूपी की सत्ता में पहुंच रखने वाले रामपुर जिले के एक नेता ने भी पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। यही नहीं इस नेता के परिजन भी पैरवी में रुद्रपुर में पहुंचे थे। पुलिस को अंदेशा है कि फरार राजू रस्तोगी इसी संरक्षण का फायदा उठा रहा है। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस केमिकल बनाने का है, लेकिन इसका दुरुपयोग कर शराब बनाई जा रही थी। इससे राजस्व के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा था। फैक्ट्री के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
पुलिस के जांच के दायरे में आएगी बीसीएल इंडस्ट्री
रुद्रपुर। पुलिस ने केमिकल फैक्ट्री में 20 हजार लीटर ईएनए बरामद किया है, यह कागजों में बीसीएल इंडस्ट्री भटिंडा (पंजाब) से असम ले जाया जा रहा था, लेकिन असम पहुंचने के बाद टैंकर रुद्रपुर पहुंच गया। अब यह किसकी मिलीभगत से पहुंचा और रास्ते से गायब होने के बारे में कहीं शिकायत हुई है या नहीं, इसकी जानकारी जुटाने में पुलिस लगी हुई है। पुलिस को शक है कि इस खेल में भटिंडा की इंडस्ट्री के कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। एसएसपी दाते ने बताया कि पुलिस की एक टीम जांच के लिए भटिंडा पंजाब भी जाएगी।
तो शराब के ठेका में होती थी सप्लाई
रुद्रपुर। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बनने वाली शराब को यूपी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही कुछ ठेकों में भी खपाया जाता था। फैक्ट्री में तैयार शराब को खपाने का काम राजू ही करता था। राजू के कुछ शराब माफिया से संबंध होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में राजू पुलिस के हत्थे चढ़ेगा तो कई अहम जानकारियां पुलिस को मिलेंगी और कई और लोग भी बेनकाब होंगे।