एसडीएम पूरन सिंह राणा ने टीम के साथ दुग्ध डेरी और मीट की दुकानों की औचक छापेमारी की। इस दौरान मीट विक्रेताओं पर लाइसेंस सहित भारी खामियां मिलने पर एसडीएम ने फटकारा। उन्होंने दस दिन के भीतर लाइसेंस बनवाने, खुले में मीट न बेचने और काले शीशे, जाली लगाने और दुग्ध डेरियों को सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिये।
शुक्रवार को एसडीएम राणा ने खाद्य, पशु पालन, नगर पालिका कर्मचारियों की टीम के साथ दुध में आक्सीटोसिन दवा को लेकर बरार और यादव फार्म में औचक छापेमारी की। इस दौरान कोई संदिग्ध दवाई नही मिली। एसडीएम ने सफाई व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश दिये। इसके बाद टीम ने बेरिया दौलत रोड स्थित मीट मार्केट में छापेमारी की।
निरीक्षण के दौरान किसी भी मीट विक्रेता के पास लाइसेंस नही मिला। दुकानों पर जाली, शीशा, पानी की समुचित व्यवस्था न होने सहित कई खामियां मिली। एसडीएम ने नगर क्षेत्र के पशु पालकों के यहां भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने पशुपालन विभाग को गौवंशीय पशुपालकों की टैगिंग करने के निर्देश दिये। टीम में पशु चिकित्सक डा. एके रावत, खाद्य निरीक्षक मनोज सेमवाल, कैलाश चंद जोशी, पूर्णानंद जोशी आदि थे।