पंतनगर टीडीसी बीज घोटाले में एसआईटी की ओर से जेल भेजे गए तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ एसआईटी को अभियोजन अनुमति मिल गई है। एसआईटी 15 अगस्त से पहले-पहले तीनों आरोपियों के खिलाफ हाईकोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। साथ ही एसआईटी ने अन्य पांच आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाने के लिए उनके हस्ताक्षरों के नमूने जांच को एफएसएल भेजे हैं।
वर्ष 2015-16 में टीडीसी में 20 करोड़ से अधिक के घोटाले का खुलासा होने के बाद टीडीसी के ही 10 कर्मचारियों के खिलाफ पंतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। अगस्त 2017 में घोटाले की जांच एसआईटी को मिलने के बाद साक्ष्य जुटाते हुए दो माह पूर्व तीन कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया था। नामजद नौ आरोपियों ने गिरफ्तारी स्टे खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन भी किया गया। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद तीन नामजद आरोपी मुख्य अभियंता पीके चौहान, उप विपणन अधिकारी अजीत सिंह और वरिष्ठ लेखाकार जीसी तिवारी की स्टे की अर्जी को खारिज कर दिया। स्टे खारिज होते ही तीनों आरोपी भूमिगत हो गए। 24 जुलाई को एसआईटी ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब एसआईटी को तीनों के खिलाफ अभियोजन चलाने की भी स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही बचे हुए पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने के लिए एसआईटी ने उनके हस्ताक्षर नमूने एफएसएल जांच के लिए भेजे हैं। माना जा रहा है कि एफएसएल जांच में साक्ष्य मिलने के बाद एसआईटी उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है। एसपी सिटी देवेंद्र पींचा ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन अनुमति मिल गई है। 15 अगस्त तक तीनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। बचे हुए आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।