एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह के आत्मसमर्पण करने के बाद हरकत में आई एसआईटी ने फरार चल रहे काशीपुर तहसील के राजस्व अहलमद को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा है। संजय को निलंबित करने के एसडीएम रुद्रपुर कार्यालय में संबद्ध किया गया कथा। उसके पास प्रभारी पेशकार का भी चार्ज था। घोटाले में एसआईटी एक एसडीएम सहित नौ लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ममाले में फरार चल रहे एक डाटा एंट्री आपरेटर और दो काश्तकारों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज हो गए हैं।
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने अब घोटाले में लिप्त लोगों पर ्शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। बृह स्पतिवार की दोपहर मुख्य आरोपी डीपी सिंह के आत्मसमर्पण करने के बाद एसआईटी ने देर रात काशीपुर तहसील के राजस्व अहलमद संजय चौहान को भी गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ था कि वर्ष 2011-12 में काशीपुर तहसील में राजस्व अहलमद संजय चौहान ने भूमि की बैक डेट में 143 कराने के लिए दस्तावेजों में हेरफर किया था। पूर्व में एसआईटी द्वारा एसडीएम भगत सिंह फोनिया सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने के बाद संजय चौहान भूमिगत हो गया था। संजय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी।
लेकिन कोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया था। शुक्रवार को संजय का जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद डीपी सिंह के साथ ही नैनीताल स्थित विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार में पेश किया गया है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि फरार चल रहे काशीपुर तहसील के डाटा एंट्री आपरेटर अर्पण कुमार के साथ ही जसपुर तहसील के काश्तकार दिलबाग और रमेश को भी एसआईटी जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है।