जसपुर मार्ग स्थित ढेला नदी पुल से पहले एक नर्सिंग होम में नवजात की मौत के लिए डाक्टरों की लापरवाही बता कर लोगों ने जम कर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया और दो डाक्टरों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अस्पताल में ताले ठोक दिए।
रविवार को बांसखेड़ा खुर्द निवासी इरफान अली की पत्नी अफसाना को प्रसव पीड़ा उठने पर परिजन सरकारी अस्पताल ले गए। वहां महिला डॉक्टर नहीं होने पर उसे जसपुर मार्ग स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। सोमवार दोपहर ढाई बजे महिला की डिलीवरी होने के कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई।
इसपर इरफान अली ने बच्चे की मौत के लिए महिला डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराकर जमकर हंगामा किया। इरफान के अनुसार पैदा होने के समय बच्चा स्वस्थ था। घटना की खबर मिलते ही उनके गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। सूचना पर टीम के साथ अस्पताल पहुंचे बांसफोडान चौकी प्रभारी जसविंदर सिंह ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया।
लोगों ने पुलिस से डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग की। इस पर चौकी प्रभारी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और दो आरोपी डाक्टरों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान अस्पताल का पूरा स्टाफ व प्रबंधक व दूसरे डाक्टर अस्पताल से भाग गए। तब पुलिस ने अस्पताल में ताला लगा दिया ।
दोनों आरोपी डाक्टरों से पूछताछ की जा रही है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया है। शिकायत की जांच की जा रही है। शिकायत सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज होगा।
- रचिता जुयाल, प्रभारी कोतवाल