एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने मंडी समिति निरीक्षक दल के साथ चारूबेटा स्थित एक ही परिसर में चल रही ओम शिव इंडस्ट्रीज, राजेंद्र राइस मिल में रात 12 बजे औचक छापामार अभियान चलाया। एक बजे तक जांच करने के बाद एसडीएम ने शनिवार को सुबह दस बजे से दोबारा मिल में रखे गेहूं, धान के स्टाक सहित अभिलेखों की जांच की। एसडीएम शुक्ल ने कहा कि उन्हें सूचना मिली कि राइस मिल में अभिलेखों में दर्ज स्टाक से अधिक गेहूं-धान स्टाक किया गया है।
एसडीएम शुक्ल के नेतृत्व में मंडी समिति निरीक्षक दल ने दो राइस मिलों के औचक निरीक्षण में ओम शिव इंडस्ट्रीज के पार्टनर गुरनाम सिंह राणा, फर्म के मुनीम मंडी समिति से संबंधित कोई भी अभिलेख टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाए। केवल सट्टी बही प्रस्तुत की गई। इसमें 20 अप्रैल को 980 कट्टे 490 कुंतल गेेहूं, 21 अप्रैल तक गेेहूं 860 कट्टे वजन 430 कुंतल दर्ज है। फर्म द्वारा प्रस्तुत की गई सट्टी बही सत्यापित नहीं कराई गई है। इसी परिसर में स्थापित राजेंद्र राइस मिल का भी निरीक्षण किया गया। फर्म स्वामी इस मिल के भी अभिलेख, रजिस्टर, प्रपत्र उपलब्ध नहीं करा पाए।
निरीक्षण में फर्म में केवल प्रपत्र छह, सट्टी बही मौके पर प्रस्तुत की गई सट्टी बही के अनुसार 19 नवंबर 2015 तक धान 1129 कुंतल अंकित किया गया है। 6 आर संख्या 50313-14 तक जारी की गई है। सट्टी बही यहां भी सत्यापित नहीं कराई गई है। निरीक्षण के दौरान जो स्टाक पाया गया, उसमें ओम शिव इंडस्ट्रीज में गेहूं 8400 कट्टे, चावल 5198 कट्टे, राजेंद्र राइस मिल में गेहूं 2988 कट्टे, चावल 826 कट्टे मिले हैं। एसडीएम ने कहा कि राइस मिलर ने धान, गेहूं के खरीद से संबंधित अभिलेख नहीं दिखाए हैं।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान मिले अभिलेख, स्टाक की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। देर रात को एक ही परिसर में चल रही दो राइस मिलों में की गई प्रशासन की औचक छापेमारी से अन्य राइस मिलरों में भी खलबली मच गई। टीम में तहसीलदार खीम सिंह बिष्ट, वरिष्ठ विपणन अधिकारी कृष्ण कुमार, मंडी निरीक्षक देवेंद्र सिंह बिष्ट, भुवन चंद्र पांडे, राजेंद्र चंद, लिपिक मनोहर सिंह पंचपाल थे।