एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में जमीनों की बैक डेट में 143 कराकर करोड़ों का मुआवजा लेने वाले काश्तकार अब एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए मुआवजा वापस करने की पेशकश करने लगे हैं। माना जा रहा है कि लिया गया अतिरिक्त मुआवजा लौटाने वाले काश्तकारों को एसआईटी से राहत मिल सकती हैं। अब तक तीन काश्तकारों ने मुआवजा लौटाया है। वहीं, 10 से अधिक ने मुआवजा लौटाने की पेशकश की है।
एनएच-74 में भू अधिग्रहण के नाम पर कई काश्तकारों ने तत्कालीन अफसरों की मदद से अपनी भूमि का बैक डेट में 143 कराया और इसके एवज में करोड़ों का कमीशन लिया। कमीशन की रकम का कुछ हिस्सा अफसरों की जेब में गया। घोटाले की जांच खुलने के बाद घोटाले में लिप्त लोग जेल भेजे गए तो काश्तकार एसआईटी की कार्रवाई से बचने के लिए मुआवजा लौटाने को तैयार हुए।
अब तक जसपुर और बाजपुर के तीन काश्तकारों ने एक करोड़ 70 लाख रुपये सरकारी खाते में जमा कराए हैं, जबकि 10 से अधिक काश्तकार मुआवजा लौटाने की पेशकश एसआईटी के सामने कर चुके हैं। बुधवार को जहां बाजपुर क्षेत्र के सात काश्तकारों ने एसआईटी के सामने मुआवजा लौटाने की बात कही थी।
वहीं, बृहस्पतिवार को बाजपुर तहसील के तीन काश्तकारों ने लिया गया अतिरिक्त मुआवजा लौटाने की पेशकश की। पूर्व में भी चार काश्तकार मुआवजा लौटाने के लिए तैयार हुए हैं। एसआईटी की ओर से उक्त लोगों को एसएलओ ऑफिस भेजा गया, जहां वह अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा रुद्रपुर तहसील की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एसआईटी ने 10 काश्तकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। बाजपुर तहसील के भी दो काश्तकारों से पूछताछ की गई।