सिंचाई खंड में 7.88 लाख रुपये का गबन करने के आरोपी तत्कालीन प्रधान सहायक के निलंबन की संस्तुति अधिशासी अभियंता ने कर दी है। ईई संजय राज ने ने बताया कि विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद दिए स्पष्टीकरण में आरोपी ने गुनाह कबूल कर लिया है। गबन की गई रकम की रिकवरी की जाएगी।
सिंचाई विभाग सितारगंज में सात लाख 88 हजार रुपये का घपला सामने आया था। इसमें तत्कालीन प्रधान सहायक ने नौ महीने पहले चार चेकों से सात लाख 88 हजार 820 रुपये का भुगतान किया था, जिसका चेक रजिस्टर में कोई विवरण नहीं दर्शाया गया था।
दो लोगों को चेकों से तीन लाख 67 हजार 320 रुपये का भुगतान किया गया था और शेष रकम चार लाख 21 हजार 500 रुपये प्रधान सहायक ने अपने व्यक्तिगत खाते में जमा कराया था। इस मामले को बीते नौ सितंबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
सोमवार को ईई संजय राज ने बताया कि गबन के मामले में आरोपी तत्कालीन प्रधान सहायक से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसमें उसने आरोप स्वीकारा है। बताया कि प्रधान सहायक को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। मंगलवार को अधीक्षण अभियंता पीके दीक्षित के माध्यम से बागेश्वर के अधीक्षण अभियंता, कुमाऊं कमिश्नर व सिंचाई विभाग के महालेखाकार को संस्तुति पत्र भेजा जाएगा। बताया कि आरोपी प्रधान सहायक पर कानूनी कार्रवाई के लिए डीजीसी से राय लेंगे।
जिला स्तर से भी हो सकती है कार्रवाई
सितारगंज। सिंचाई खंड में सरकारी रुपये के दुरुपयोग के मामले में जिला स्तर से भी कार्रवाई हो सकती है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा भी इस मामले में जांच कराई जा सकती है।