क्षेत्र के एक गांव में शनिवार रात विवाह समारोह में एक दरिंदे ने आठ साल की बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म का प्रयास किया। एक घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने बच्ची को जख्मी हालत में बरामद कर लिया। पुलिस ने मेडिकल के बाद फरार आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को पहचानकर 17 घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक शनिवार रात स्थानीय गांव में आठ साल की बच्ची माता, पिता के साथ पड़ोस में एक विवाह समारोह में गई थी। रात करीब 11 बजे बच्ची को विवाह समारोह में न पाकर माता-पिता घबरा गए। काफी खोजबीन के बाद उसका पता नहीं चल सका। अनहोनी की आशंका से लोग चिंतित हो उठे। विवाह समारोह में मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर बाजार चौकी इंचार्ज विनोद फर्त्याल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत झनकइया थाना पुलिस को इसकी सूचना देकर सर्च अभियान शुरू कर दिया।
करीब एक घंटे तक खोजबीन के बाद पुलिस की टीम गांव के एक बगीचे में पहुंची तो अंधेरे में टॉर्च पड़ते ही आरोपी बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची के चेहरे पर नाखून, दांत से काटने के निशान मिले। रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल के बाद बच्ची परिजनों को सौंपी गई।
बाजार चौकी इंचार्ज विनोद ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने घटना के 17 घंटे बाद मोहल्ले के ही आरोपी दुकानदार हीरा सिंह कठायत को उसकी दुकान से गिरफ्तार कर लिया। वह आइसक्रीम खिलाने के बहाने से बच्ची को बगीचे में ले गया था। घटना के खुलासे पर एसएसपी ने ढाई हजार और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
पुरानी घटनाओं को याद कर सिहर उठे लोग
दो वर्ष पहले हल्द्वानी में और करीब पांच साल पहले रामनगर में विवाह समारोह से गायब बच्चियों के साथ दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या की घटनाएं अभी लोगों के जेहन में हैं। हल्द्वानी की घटना के आरोपियों को तो सजा तक मिल चुकी है लेकिन रामनगर में हुई घटना के आरोपी पहचाने तक नहीं जा सके।